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- The Doctor Declared The Young Man Dead, The Breath Started Running As The Body Was Placed On The Bier, The Smile On His Face, He Was Taken To The Hospital And Then Died.
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ग्वालियर4 मिनट पहले
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जिंदा होने पर असपताल ले जाते हुए परिजन
- मुरार के कृष्णपुरी में हुई यह घटना
ग्वालियर में एक अनोखी घटना हुई है। मौत के कुछ देर बाद एक 26 वर्षीय युवक जिंदा हो गया। जब उसके शव को अर्थी पर रखा तो चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ मुंह से झाग निकला। तत्काल पल्स मीटर लगाकर चेक किया तो पल्स 80 बता रही थी। रोते बिखलते परिजन के आंसू अचानक थम गए। तत्काल ऑक्सीजन के लिए अंबु बैग लगाकर उसे KDJ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल ने भर्ती नहीं किया। करीब पांच अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद परिजन JAH पहुंचे। यहां कुछ देर तक डॉक्टरों ने चैक किया और ऑक्सीजन लगाई। आखिर में मृत घोषित कर दिया। यह अनोखी घटना मुरार के कृष्णपुरी इलाके की है। डॉक्टर नहीं बता पा रहे हैं कि यह कैसे संभव हो सकता है। पर क्षेत्र के लोग इसे कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं।
कृष्णपुरी निवासी आयुष श्रीवास्तव सुबह मौत के बाद 12 बजे अचानक चलने लगीं सांसे, 2 बजे फिर मौत
उपनगर मुरार के कृष्णपुरी निवासी 26 वर्षीय आयुष श्रीवास्तव मुम्बई की एक कंपनी में जॉब करते थे। वहां कोरोना को लेकर हालात बिगड़े तो कंपनी ने वर्क फ्रॉम होम कर दिया। आयुष अपना सामान समेट कर ग्वालियर घर आ गए। यहीं से वह काम कर रहे थे। कुछ दिन पहले अचानक आयुष की तबीयत खराब हो गई। परिजन ने उसे मुरार के रूद्राक्ष हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां चेस्ट का सीटी स्कैन कराने पर संक्रमण आया। यहां 3 मई को आयुष को KDJ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां 11 मई मंगलवार सुबह 10 बजे आयुष को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मृत घोषित करते ही आयुष के घर में चीख पुकार मच गई। परिजन शव लेकर घर पहुंचे। यहां उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी। दोपहर 12 बजे जब उसके शव को अर्थी पर रखा गया तो आयुष के चेहरे पर अचानक मुस्कुराहट दिखी। मुंह से झाग भी निकला। यह देखकर परिजन आश्चर्य चकित हो गए।
लौट आईं सांसें, पल्स रेट भी बढ़ गई
- आयुष् के चचेरे भाई प्रवेश श्रीवास्तव ने बताया कि अचानक आयुष के चेहरे और मुंह पर यह हरकत देखकर तत्काल उसे अर्थी से नीचे उतारा। उसकी अंगुलियों पर पल्स मीटर लगाया तो पल्स रेट 80 दर्ज की गई। सांसे भी चलने लगीं। पास ही खड़ी एम्बुलेंस में उसे लेटाया। ऑक्सीजन के लिए अंबु बैग लगाकर पंप करते रहे। सबसे पहले रूद्राक्ष हॉस्पिटल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने नब्ज चैक की तो भर्ती करने से मना कर दिया। इसके बाद मुरार KDJ हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने भी भर्ती नहीं किया फिर बिड़ला अस्पताल उसके बाद जिला अस्पताल मुरार आए। जिला अस्पताल से JAH के लिए रैफर कर दिया गया। JAH लेकर पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने ऑक्सीजन लगाकर प्रयास किया, लेकिन दोपहर 2 बजे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन वापस शव लेकर घर लौट आए और अंतिम संस्कार किया है।
दो घंटे के लिए वापस दे गया खुशी
- आयुष की मौत हो चुकी थी। 12 बजे उसकी पल्स लौटी तो रोते बिलखते परिजन के आंसू एक संभावना तलाशने लगे। लगा कि भगवान ने शायद उनका आयुष लौटा दिया है, लेकिन 2 घंटे बाद वापस मौत का समाचार मिला और फिर मातम छा गया। पर मौत के बाद भी वह दो घंटे की खुशी परिजन को दे गया।
कैसे संभव है मरकर जिंदा होना
- मौत के बाद जिंदा हो जाना कैसे संभव है। यह जानने के लिए जब एमडी मेडीसिन डॉक्टर अमित से बात की गई तो उनका कहना है कि साइंस इन चीजों को नहीं मानती। ऐसा हो ही नहीं सकता। मौत के बाद कुछ देर के लिए शरीर गर्म रहता है अंदर कई रिएक्शन होते हैं। उस कारण कई बार मुंह से झाग आ जाना या पल्स चल रही है ऐसा प्रतीत होता है कि मृत जिंदा हो गया है। पर ऐसा होता नहीं है।