तीसरी बार जेल गया मोखा: 30 साल पहले गया था जेल, तब एलआईसी से बिना मकान के फर्जी लोन लिया था, दूसरी बार डकैती का लगा था आरोप

तीसरी बार जेल गया मोखा: 30 साल पहले गया था जेल, तब एलआईसी से बिना मकान के फर्जी लोन लिया था, दूसरी बार डकैती का लगा था आरोप


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जबलपुर14 मिनट पहले

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तीसरी बार जेल जाता सरबजीत मोखा।

सिटी अस्पताल का डायरेक्टर सरबजीत मोखा के गुनाहों का पन्ना खुलने लगा है। नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में गिरफ्तार मोखा 30 साल पहले एलआईसी से बिना मकान के फर्जी लोन मामले में पहली बार जेल गया था। जेल से निकला तो बड़ा बिल्डर बन गया। दूसरी बार डकैती में गया। निकला तो सिटी अस्पताल खोल लिया। अब तीसरी बार जेल गया है।

पचपेढ़ी निवासी 56 वर्षीय सरबजीत मोखा पहली बार वर्ष 1991 में फर्जीवाड़े के मामले में जेल गया था। तब उसने LIC से HFL में बड़े पैमाने पर, बिना मकान के फर्जी लोन करा लिए थे। उन्हीं पैसों से वह बड़ा बिल्डर बनगया। कुछ माह जेल में रहने के बाद केस रफा-दफा हो गया। दूसरी बार 2004 में वह भैंसासुर मार्ग स्थित एक मकान में कब्जा करने पहुंचा था। तब गोरखपुर थाने में उसके खिलाफ डकैती का प्रकरण दर्ज हुआ था।

पर तब के एक कद्दावर नेता का उसे ऐसा सरंक्षण मिला कि न केवल उस मामले में बरी हो गया। बल्कि अपने जीवन में फिर वह आगे ही बढ़ता चला गया। उक्त नेता (अब स्व. हो चुके) के सरंक्षण में उसने पहले सिटी अस्पताल खोला फिर कई शासकीय व निजी जमीनाें पर कब्जा करते हुए बड़ा बिल्डर बन गया। अब तीसरी बार नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन में जेल गया है। हालांकि इस बार भी बीजेपी के कुछ कद्दावरों के सुर उसके प्रति सहानुभूति वाला निकल रहा है।
सोशल मीडिया पर पक्ष-विपक्ष के चेहरे आ रहे सामने
सरबजीत सिंह मोखा और उसके दवा कर्मी देवेश चौरसिया के गिरफ्तारी और एनएसए की कार्रवाई के बाद पक्ष-विपक्ष खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा के नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर ने पोस्ट डाली कि लो शुरू हो गई मीडिया ट्रायल। आगे लिखा है कि हालांकि वह कानून के हिसाब से बात कर रहे हैं। किसी को सजा देना केवल कानून का काम है। दूसरे पोस्ट में लिखा की मोखा जी, इस वक्त इलाज जरूरी है, जो आप लोग कर ही रहे हैं, फायदा नुकसान आज का विषय नहीं है, आरोप तो कोई भी लगा सकता है। संकट काल में आप सब अपने हिस्से का श्रेष्ठ योगदान दें, यही समाज की अपेक्षा है।

भाजपा के ही दूसरे नेता ने इस पोस्ट पर आपत्ति दर्ज कराई। लिखा कि लालच में मरीजों को नकली इंजेक्शन लगाना कहीं से भी मानवीय कृत्य नहीं है। खुद सीएम ऐसे लोगों को नरपिशाच कह चुके हैं। अब भाजपा नगर अध्यक्ष का इस तरह अपनी भावना प्रकट करने पर संगठन का रुख क्या होगा, ये तो वक्त ही बताएगा। आरएसएस के वरिष्ठ नेता अधिवक्ता हेमंत मोढ़ ने सरबजीत ने सरबजीत सिंह मोखा पर एफआईआर दर्ज होने और अगले दिन सीएम का जबलपुर अचानक आगमन को जोड़कर पोस्ट किया है कि नकली इंजेक्शन घोटाले में मोखा का नाम आते ही सीएम का जबलपुर आगमन संदेह पैदा करता है? कुछ तो गड़बड़ है मामू!

आरएसएस से जुड़े शिक्षा क्षेत्र के अनुराग सोनी ने पोस्ट किया कि बिना न्यायालय के निर्णय के अपराधी मानना गलत है। न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही ऐसा कुछ कहा जाना उचित होगा। उनके पोस्ट पर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवम तिवारी ने जवाब दिया। पोस्ट किया कि अगर आपके घर से किसी की सिटी अस्पताल में मृत्यु हुई होती, तो शायद आप यह ज्ञान अन्य लोगों को नहीं देते। जिसने लोगों की जान और विश्वास दोनों से खिलवाड़ किया है, भगवान उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। इसका सपोर्ट करना बंद करें।

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