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होशंगाबाद5 घंटे पहले
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दुल्हे को लग चुकी हल्दी।
अक्षय तृतीया शादियों के लिए सबसे बड़ा दिन होता है। 14 मई को होने वाली कई शादी की अधिकांश रस्म-रिवाज हो चुके हैं। दुल्हा-दुल्हन हल्दी तो कहीं मंडप पूजन तक हो चुकी हैं। केवल फेरे होना बाकी है, लेकिन कोरोना संंक्रमण की वजह से एक माह से होशंगाबाद जिले में कोरोना कर्फ्यू लगा है।
संक्रमण न फैले, इसलिए प्रशासन ने शादियां पर रोक लगा दी है। वैवाहिक कार्यक्रम होने पर कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। ऐसे में अब वे परिजन धर्म संकट में हैं कि शादी की तो एफआईआर और हल्दी के बाद शादी नहीं, तो रस्में टूटने, बदनामी का डर। ऐसे मामले गुरुवार को इटारसी समेत गांवों में सर्वें करने पहुंची टीम के सामने आए। ग्राम सोनासांवरी में पटवारी राजेश गहरवाल टीम के साथ सर्वें किया। गांव में 14 मई की 6 शादियां हैं। सभी जगह दुल्हा-दुल्हन को हल्दी व मंडप की रस्में पूरी हो चुकी हैं। टीम ने विवाह की तारीख आगे बढ़ाने व आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई हाेने की बात कही।
बेटी को हल्दी लग चुकी, अब शादी कैसे आगे बढ़ाएं
सोनासांवरी के शिवराम बामने ने बताया, मैं और पत्नी और बेटा मजदूरी करते हैं। बेटी को हल्दी लग चुकी। गुरुवार को सर्वे टीम ने आकर हमसे शादी की तारीख आगे बढ़ाने की बात कही। हल्दी लगने के बाद तारीख कैसे आगे बढ़ा सकते हैं।
विवाह के लिए सजा मंडप, सर्वे करती टीम।
14 मई को शादी नहीं, तो अगला लग्न मुहूर्त 6 माह बाद
इटारसी के सोनासांवरी गांव के कमलेश की बारात 14 मई को बाबई के पास ग्राम पाटनी जाएगी। उनके भाई आलोक ने बताया तीन माह पहले 14 मई की लग्न का मुहूर्त तय हुआ। माता पूजन, मंडप पूजन हो चुका। शादी की तारीख आगे बढ़ाते हैं, तो अगला मुहूर्त 6 माह बाद का निकल रहा। हम चार लोग मिलकर ही बारात ले जाने का निवेदन किया है।
घर में मृत्यु होने पर भी नहीं रुकती शादी
पंडित प्रभात शर्मा कहते हैं कि जब लगुन लिखा गई होती व हल्दी और मेहंदी लग जाती है, तो घर, परिवार में मृत्यु होने पर भी वर-वधु को सूतक नहीं लगता। सादगी से शादी की रस्म पूरी होती है। वर्तमान में हल्दी लग चुकी है।बारात आने-जाने वाली है, तो प्रशासन को दोनों वर-वधू पक्षों से चार लोगों की मौजूदगी में अग्नि के सात फेरे और कन्यादान की अनुमति देनी चाहिए।