अक्षय तृतीया पर कोरोना का साया: 2 साल में 2 बाद रद्द करनी पड़ी शादी, किसी का पैसा बचा, तो वर-वधु के नाम कर दी एफडी

अक्षय तृतीया पर कोरोना का साया: 2 साल में 2 बाद रद्द करनी पड़ी शादी, किसी का पैसा बचा, तो वर-वधु के नाम कर दी एफडी


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गुना11 घंटे पहले

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फाइल फोटो

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिलेभर में 9 मई से शादियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। 14 मई को अक्षय तृतीया पर शादी का सबसे बड़ा मुहूर्त होता है। प्रतिबन्ध के बावजूद कई जगह शादियों के आयोजन किए जा रहे हैं।

जिले में लॉकडाउन लगते ही शादियों में लोगों के शामिल होने की संख्या सीमित कर दी गई थी। अधिकतम 50 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति थी। जैसे-जैसे कोरोना के केस बढ़ा, इस संख्या पर पाबंदियां बढ़ती गईं। 9 मई से शादियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया।

कैंट , महावीरपुरा में गुपचुप आयोजन
अक्षय तृतीया शादियों के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है। सामान्य दिनों में जिले में इस दिन 500 से अधिक शादी समारोह होते हैं, लेकिन इस बार कोरोना के चलते अनुमति नहीं दी गई है। फिर भी कुछ इलाकों में शादियां की जा रही हैं। शुक्रवार को शहर के कैंट और महावीरपुरा क्षेत्र में शादी के पहले की रस्में करते हुए कई परिवारों को देखा गया।

एसडीएम बोलीं – न करें आयोजन
मामले में एसडीएम अंकिता जैन ने कहा कि धारा 144 के तहत शादी समारोह को प्रतिबंधित है। नागरिक इसका पालन करें। प्रशासन को अगर किसी भी आयोजन की सूचना मिलती है, तो सख्ती बरती जाएगी। आयोजन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर आयोजन की अनुमति नहीं है।

दो साल में दो बार रद्द की शादी
नगरपालिका में नाकेदार के पद पर कार्यरत हेमंत धौलपुरिया के भाई की बेटी की शादी 19 मई को प्रस्तावित थी। पिछले वर्ष भी कोरोना के चलते उन्होंने शादी को आगे बढ़ा दिया था। इस बार जनवरी से ही धूमधाम से शादी समारोह आयोजित करने की तयारी शुरू कर दी थी । इसके लिए मैरिज गार्डन भी बुक कर लिया गया था। साढ़े 5 हजार रुपए के कार्ड छपवाए गए थे। वे अपनी पत्नी के साथ भोपाल तक अपने रिश्तेदारों को कार्ड बांटने गए थे।

अप्रैल में कोरोना कर्फ्यू शुरू हो जाने के बाद और शादियों पर पाबन्दी लगने के बाद इस बार भी उन्होंने शादी स्थगित करने का निर्णय लिया। हेमंत ने बताया कि इस पीढ़ी में यह पहली शादी है, तो हम लोग इसे धूमधाम से करना चाहते हैं। हमारी इच्छा है कि सभी रिश्तेदार शादी में आएं। इस कारण जब हालात सामान्य होंगे, तभी शादी का आयोजन करेंगे।

पैसा बचा तो करा दी एफडी
टेकरी मंदिर के पुजारी अभिषेक तिवारी बताते हैं कि उनकी छोटी बहन की शादी हुई है। घर के लोगों ने ही बिना किसी बड़े आयोजन के कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए शादी की है। बड़ा आयोजन होता, तो काफी पैसा खर्च होता। जो पैसा बचा है, उसे वर-वधु के खाते में ही डलवा दिया है, ताकि वो उनके भविष्य में कुछ काम आ सके।

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