कोरोना ने रोका शहर का विकास: नई टाउनशिप, शॉपिंग मॉल व कॉम्प्लेक्स अटके, 2 महीने में रियल एस्टेट का 200 करोड़ रु. का कारोबार प्रभावित

कोरोना ने रोका शहर का विकास: नई टाउनशिप, शॉपिंग मॉल व कॉम्प्लेक्स अटके, 2 महीने में रियल एस्टेट का 200 करोड़ रु. का कारोबार प्रभावित


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उज्जैन2 मिनट पहले

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  • लोगों के कामकाज छूटे, अब बड़े पैकेज की दरकार

कोरोना की दूसरी लहर में उज्जैन का प्रॉपर्टी कारोबार थम गया है। दो माह में रियल एस्टेट सेक्टर के करीब 200 करोड़ के प्रोजेक्ट अटक गए हैं। यूडीए और हाउसिंग बोड के अभी बड़े प्रोजेक्ट रोकना पड़े हैं। प्राधिकरण के जो शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो गए हैं, उनमें दुकानों और ऑफिस चैंबर की बुकिंग शुरू नहीं हो पाई है। शहर का प्रॉपर्टी से जुड़ा सभी तरह का कारोबार प्रभावित होने के साथ में निर्माण कार्य में लगे लोगों का कामकाज भी छूट गए हैं, मटेरियल सप्लायर आदि का काम प्रभावित हो गया है। नए प्रोजेक्ट जिसमें शहर को नई टाउनशिप, शॉपिंग मॉल आदि मिलने वाले थे, वे सभी रुके हुए हैं। रियल एस्टेट कारोबार जीरो पर पहुंच गया है।

ऐसे में बड़े पैकेज की दरकार की जा रही है। यूडीए के नए प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले ही रोकना पड़े हैं। हाउसिंग बोर्ड की इंदौर रोड पर गोयला खुर्द में कॉलोनी का कार्य भी अटका हुआ है। नए प्रोजेक्ट्स आने से लोगों को मकान व फ्लैट तथा छोटे-बड़े व्यापारियों को दुकानें मिलती और शहर में व्यापार-व्यावसाय के अवसर मिलते। प्रॉपर्टी कारोबार पर आए संकट को लेकर रियल एस्टेट की ओर से शासन से मांग की जा रही है कि रियल एस्टेट को बड़े पैकेज की राहत देने की जरूरत है, पॉलिसी को सरल करने की आवश्यकता है।

क्रेडाई के सचिव महेश परियानी के अनुसार कोरोना काल में दो माह से प्रॉपर्टी कारोबार थमा हुआ है। कारोबार जीरो हो गया है। जिसे वापस पटरी पर लाने के लिए सरकार को पैकेज देना चाहिए ताकि आने वाले दिनों में कारोबार गति पकड़ सके।

यूडीए के यह प्रोजेक्ट अटके…

  • नानाखेड़ा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 15 दुकानें और 30 ऑफिस चैंबर बनाए गए हैं, जिनकी बुकिंग शुरू की जाना थी। कोरोना काल की सेफ्टी के हिसाब से कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया है।
  • शिप्रा विहार में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर बनाए गए एकात्म परिसर का कार्य भी अटक गया है। यहां 108 मकानों का निर्माण और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा मॉडल हाउस का निर्माण किया जा रहा था।
  • कोर्ट के आदेश पर इंदौर रोड पर यूडीए को मिली प्राइवेट कॉलोनी गुलमोहर ग्रीन कॉलोनी के करीब 20 प्लॉट की बुकिंग शुरू की जाना थी, जिनकी कीमत करीब 30 करोड़ है। इसकी विज्ञप्ति जारी नहीं हो पाई। साथ ही मुख्य मार्ग पर नर्सिंग होम के लिए प्लाट और अन्य कमर्शियल प्लॉट भी बेचे जाना है।
  • नानाखेड़ा पर सी-21 शॉपिंग मॉल के समीप ही यूडीए शॉपिंग मॉल का निर्माण शुरू करवाने वाला था। यहां पर बड़े और छोटे कारोबारियों के लिए दुकानों का निर्माण व फ्लैट का निर्माण किया जाना है। आईटी कंपनियों के लिए भी चैंबर बनाए जाना है। टेंडर की प्रक्रिया चल रही थी।
  • शिप्रा विहार में बनी मल्टी में बचे हुए 80 फ्लैट बेचे जाना है। त्रिवेणी विहार में समझौते के तहत ली गई जमीन पर 250 प्लॉट बेचे जाना है। यहां पर सड़क व नाली तथा बिजली के कार्य हो चुके हैं बाकी का डेवलपमेंट रुक गया है।
  • सर्किट हाउस के समीप बनाए जा रहे शॉपिंग कॉम्पलेक्स में 22 दुकानों व ऑफिस चैंबर का निर्माण किया जा रहा है, यहां भी अंतिम चरण का निर्माण कार्य रुका हुआ है।

कोरोना के कारण प्रोजेक्ट के काम अटक गए हैं
कोरोना संक्रमण काल के चलते यूडीए के प्रोजेक्ट अटके हैं। जो प्रोजेक्ट तैयार हो चुके हैं, उनमें बुकिंग शुरू नहीं हो पाई है।– सोजान सिंह रावत, सीईओ, यूडीए

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