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भोपाल2 घंटे पहले
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कोरोना कर्फ्यू की बंदिशों के बीच घरों की छतों पर पढ़ी नमाज।
- ईद की खुशियां तो थीं पर गायब रही पहले सी रौनक
परवरदिगार.. हम सब के गुनाह माफ कर, हमारे मुल्क और सारी दुनिया को इस महामारी से निजात दिला, ऐ खुदा, सबको सेहतमंद बना दे… इस गुहार के साथ ईदुल फितर पर शुक्रवार को बंदों ने घरों और मस्जिदों में दुआ मांगी। इसके पूर्व नमाज अदा की गई।
ईदगाह पर सिर्फ पांच लोगों ने जबकि शहर काजी सै. मुश्ताक अली नदवी ने अपने घर में ही नमाज पढ़ी। उन्होंने अपने संदेश में लोगों को ईद की मुबारकबाद देने के साथ ही कोविड के नियमों का पालन करने की अपील की। यह दूसरा मौका था, जब शहर में कोरोना कर्फ्यू की बंदिशों के बीच ईद मनाई गई। लोगों के चेहरों पर त्योहार की खुशियां तो थीं, पर इनमें पहले जैसी रंगत नहीं थी। ज्यादातर लोगों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। इस सबके बीच बहुत से लोग ऐसे थे, जो अस्पतालों में भर्ती लोगों और उनके परिजनों को ईद पर मुंह मीठा कराने सिवइयां और मिठाई खिलाने पहुंचे। दो गज की दूरी का पालन भी किया गया।
शहरकाजी ने की अपील
शहर काजी सैयद नदवी, मसजिद कमेटी सचिव यासिर अराफात, ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड अध्यक्ष काजी सै. अनस अली नदवी, ऑल इंडिया त्योहार कमेटी के अध्यक्ष डॉ. ओसाफ शाहमीरी खुर्रम टेलीफोन के जरिए युवाओं को सड़कों पर न निकलने की हिदायतें देते रहे।
नमाज के लिए भीड़ नहीं हो, इसलिए चौकस रही पुलिस
ईद की नमाज के लिए मस्जिदों में नमाज के लिए भीड़ न हो, इसके लिए पुलिस की गश्त चलती रही। ईदगाह व बड़ी मस्जिदों के आसपास पुलिस का पहरा बना रहा। कुछ लोग नमाज के बाद कब्रिस्तान पहुंचने लगे तो पुलिस ने समझाइश देकर उन्हें वापस भेज दिया।
शहर की मस्जिदों में रहा सन्नाटा
ईद के दिन ईदगाह और तमाम बड़ी मस्जिदों में सन्नाटा दिखाई दिया। मोहल्लों की छोटी मस्जिदों में जरूर आसपास रहने वाले चंद लोग नमाज पढ़ने पहुंचे। जामा मस्जिद, ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद जैसे बड़ी इबादतगाह भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से खाली दिखाई दी।