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जबलपुर34 मिनट पहले
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सेंट्रल किडनी हॉस्पिटल की कोविड अनुमति निरस्त।
कोरोना मरीजों से ओवर बिलिंग करने पर CMHO ने सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल पर सख्त कार्रवाई की है। अस्पताल में नए कोविड संक्रमितों की भर्ती पर रोक लगाते हुए उसका कोविड संबंधी अनुमति निरस्त कर दी है। चेतावनी दी है कि भविष्य में शिकायत मिली तो अस्पताल का लाइसेंस ही निरस्त कर दिया जाएगा।
सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल को 24 कोविड बेड की अनुमति जिला प्रशासन की ओर से दिया गया था। यहां कोविड संक्रमितों के इलाज में शासन द्वारा निर्धारित दर की तुलना में कई गुना अधिक वसूली की जा रही थी। अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों की ओर से इसकी गोपनीय शिकायत संयुक्त कलेक्टर शाहिद खान से की गई थी।
यहीं नहीं दो दिन पहले अस्पताल की ओर से कोविड संक्रमित की मौत के बाद शव को बंधक बना लिया था। इससे पूर्व इसी अस्पताल में 24 अप्रैल को भी 1.10 लाख रुपए बकाया होने पर शव को बंधक बना लिया था। अस्पताल के खिलाफ मिल रही शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
संयुक्त कलेक्टर की रिपोर्ट पर सीएमएचओ ने की कार्रवाई
संयुक्त कलेक्टर शाहिद खान की रिपोर्ट पर कलेक्टर ने सीएमएचओ को कोविड अनुमति निरस्त करने का आदेश दिया था। सीएमएचओ डॉक्टर रत्नेश कुररिया के मुताबिक अस्पताल में नए कोविड मरीजों की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए इसकी अनुमति को निरस्त कर दिया गया। वहीं पहले से भर्ती मरीजों को इलाज होने तक अस्पताल में इलाज करने के लिए कहा गया है। अस्पताल को साथ में चेतावनी दी गई कि भविष्य में अस्पताल के खिलाफ ओवरबिलिंग या दूसरी शिकायतें मिली तो उसका पंजीयन ही निरस्त कर दिया जाएगा।
आयुष्मान भारत योजना की लापरवाही पर भी हो चुकी है कार्रवाई
कलेक्टर ने इससे पूर्व आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों का पंजीयन नहीं कराने पर मेडिसिटी, शिव सागर, आकांक्षा, ट्रू केयर, नर्मदा और शुभम अस्पताल की कोविड अनुमति निरस्त कर दी थी। यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत बीमारियों के लिए निर्धारित दर पर इलाज करने के लिए अस्पताल प्रबंधन तैयार नहीं था।