- Hindi News
- Local
- Mp
- In Order To Protect The Eyes From Infection, The Food Of Ingwana Is Also Being Cleaned With Salt Water.
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
इंदौर10 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
इंदौर जू में इगुआना और बर्ड्स को दवा देते कर्मचारी।
हैदराबाद जू में मिले शेरों में कोरोना के लक्षण के बाद पूरे देश भर के प्राणी संग्रहालय अलर्ट पर है। इंदौर जू में शिकारी जानवरों के साथ -साथ विदेशी पक्षियों को भी दवाएं दी जा रही हैं। आंखों को इंफेक्शन से बचाने के लिए वा डाली जा रही है। उनकी इम्युनिटी को बूस्ट किया जा रहा है। डॉक्टर पूरी निगरानी कर रहे हैं। पिंजरों को सैनिटाइज किया जा रहा है। वैसे अभी तक किसी पक्षी में इस प्रकार के संक्रमण नहीं दिए हैं, लेकिन सतर्कता बरतते हुए इंदौर जू ने यह पहल की है।
इंदौर प्राणी संग्रहालय में इस ओपन बर्ड हाउस में 22 प्रजाति के 250 पक्षी आ गए हैं। इसमें एक्जॉटिक प्रजाति के कई पक्षी रखे जा रहे हैं। नगर निगम द्वारा चिड़ियाघर में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से 980 वर्ग फीट में यह पक्षी घर बनाया गया है। इसमें दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले पक्षी रखे गए हैं। गोल्डन फिंचेस, मकाऊ के तीन पेयर्स, हयासिन, गाला काकाटू, सल्फरक्रेस्ट काकाटू पक्षी आने वाले हैं।
इग्वाना का खाना नमक के पानी से धोकर दिया जा रहा है
वही रेंगने वाले जीवों के लिए जू प्रबंधन ने तैयारी ही हुई है। इगुआना नाम की दुनिया की सबसे बड़ी छिपकली को सुबह शाम हरी सब्जियां दी जा रही हैं। इसमें पालक और टमाटर दिया जा रहा है। संक्रमण को देखते हुए यह सब्जियों को अधिक समय तक पिंजरे में नही रखा जाता है। सुबहह शाम नमक के पानी से सब्जियों को धोक इन्हें खाना दिया जाता है । इगुआना 3 मीटर तक की होती हैं और इनका वजन 50 किलो से ऊपर भी जा सकता है। यह उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप में पाई जाती हैं। यह अपने शांत और उज्ज्वल स्वभाव के कारण पालतू रूप में भी पाली जाती हैं।
बर्ड्स को दी जा रही है दवा
जू प्रभारी उत्तम यादव का कहना है कि कि कोरोना से चिड़ियाघर प्रबंधन पहले ही अलर्ट है। सभी कर्मचारियों को मास्क, ग्लब्स और फेस शील्ड सहित कोरोना से बचाव के संबंधित सामान दिए गए हैं। साथ ही उन्हें कड़ी सख्ती के साथ कहा गया है कि चिडियाघर में प्रवेश और विकास के समय कर्मचारियों को सैनिटाइज करने मास्क व ग्लब्स पहनकर ही अंदर जाए। इतना ही नहीं यहां पशु पक्षी, वन्य प्राणी को देने वाले भोजन पर डॉक्टर निगरानी बनाए हुए हैं।
चिडियाघर परिसर और जानवरों व पक्षियों के पिंजरों पर भी सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। जानवर कोरोना कर्फ्यू के चलते चिड़ियाघर में कर्मचारियों को छोड़कर दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है। इससे यहां वन्यप्राणियों को वन जैसा ही महसूस हो रहा है। साथ ही वातावरण भी और अधिक शुद्ध हो गया है।
इगुआना को खाने में देने के लिए तैयार हरी सब्जी।