कोरोनाकाल में कहां से पटाए किश्त: लॉकडाउन में भी ब्याज वसूल रही है माइक्रो फाइनेंस कंपनियां, प्रशासन नहीं बना रहा व्यवस्था

कोरोनाकाल में कहां से पटाए किश्त: लॉकडाउन में भी ब्याज वसूल रही है माइक्रो फाइनेंस कंपनियां, प्रशासन नहीं बना रहा व्यवस्था


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छिंदवाड़ा22 मिनट पहले

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माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एजेंट के खिलाफ शिकायत करती महिला

  • माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एजेंट लोगों से कर रहे हैं बदसलूकी

छिन्दवाड़ा। कोरोना की दूसरी लहर से आम जन को बचाने शासन एवं प्रशासन द्वारा कर्फ्यू लागू किया गया है। इस कर्फ्यू ने घरेलू कामकाजी महिला ,सैलून दुकान संचालक, गैरिज संचालक सहित अन्य ऐसे छोटे व्यापारियों पर सर्वाधिक संकट निर्मित किया है।व्यापार-व्यवसाय बंद होने से यह व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहे है। ऐसे में अपनी जरूरतों के लिए लिया कर्ज पटाना भी मुश्किल हो गया है। किन्तु माइक्रोफाइनेंस कम्पनी के एजेंट गरीब व्यवसायियों के घर पहुंचकर धमकी देने में जुटे हुये है। जिससे व्यथीत होकर बीते दिन छोटे व्यवसायियों और कामकाजी महिलाओं ने कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन के नाम ज्ञापन सौंपा ।ज्ञापन के माध्यम से पीड़ित वर्ग ने बताया कि व्यापार बंद होने के चलते कर्ज की किश्त का भुगतान करना संभव नहीं हो पा रहा है। किन्तु एजेंटोंं द्वारा किश्त नहीं देने पर अतिरिक्त ब्याज लगाने सहित अन्य कार्यवाही करने की धमकी दी रही है।साथ ही अभद्रता भी की जा रही है।उन्होने किश्त में तीन माह की छूट और ब्याज से राहत दिलाने की मांग की है।

कहां से चुकाएंगे किश्त

गौर किया जाए तो वर्तमान में कोरोना के चलते कर्फ्यू लगाया गया है । ऐसे में हर व्यवसाय चौपट हो गया है सबसे बड़ी परेशानी यह है कि प्रशासन के द्वारा कोई खास व्यवस्था ना बनाए जाने के कारण व्यवसाय और मजदूरी पर आश्रित रहने वाले लोगों के लिए कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है जिसके चलते अब माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से लोन लेने वाले परिवार के थे चुकाने के लिए परेशान हो रहे हैं।

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