गांवों में कोरोना की ग्राउंड रिपोर्ट: 17 दिन में 7 मौतें; एएनएम ने छोड़ा गांव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बंद किया किल कोरोना सर्वे, जिला प्रशासन को पता ही नहीं

गांवों में कोरोना की ग्राउंड रिपोर्ट: 17 दिन में 7 मौतें; एएनएम ने छोड़ा गांव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बंद किया किल कोरोना सर्वे, जिला प्रशासन को पता ही नहीं


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Jabalpur
  • 7 Deaths In 17 Days; ANM Left Village, Anganwadi Worker Closed Kill Corona Survey, District Administration Did Not Know

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कटनी6 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • विजयराघवगढ़ ब्लॉक के महगांव पंचायत की साइडिंग में संक्रमण का खौफ
  • निजी क्लीनिक के सहारे खांसी-बुखार के मरीज या 10 किमी. दूर कैमोर जा रहे

महामारी के खौफ ने ‘सिस्टम’ को भी संक्रमित कर दिया! इसकी बानगी सोमवार को जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर विजयराघवगढ़ ब्लॉक के महगांव पंचायत की साइडिंग बस्ती में देखने को मिली। संक्रमण यहां इस कदर हावी हुआ है 350 आबादी की इस बस्ती में 8 दिन के भीतर 4 लोगों की संदिग्ध मौत हो गई। जबकि मई के 17 दिन में कुल 7 लोग काल के गाल में समा गए। महगांव मेें संक्रमण का खौफ इस कदर है कि एएनएम राजकुमारी सोनी ने गांव से दूरी बना ली, इस दौरान उनकी बीमार पुत्री की भी मौत हो गई।

एएनएम के नहीं आने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माया नामदेव ने किल कोरोना सर्वे बंद कर दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने स्वीकारा कि 73 घरों की बस्ती में ज्यादातर लोग बीमार हैं। क्षेत्र में कोई अस्पताल नहीं होने से यहां के खांसी-बुखार के मरीज निजी क्लीनिक के भरोसे हैं या फिर 10 किलोमीटर दूर कैमोर पीएचसी इलाज कराने जाते हैं। महगांव के लल्लू सिंह, जितेन्द्र कोल, राजा शर्मा के अनुसार गांव में सर्दी, खांसी, बुखार से कई लोग पीड़ित हैं, पर न तो किसी की जांच की जा रही और न ही सैंपल लेने अब तक टीम आई।

लोगों ने घरों में खुद को किया कैद; महगांव ग्राम पंचायत क्षेत्र में 1 से 17 मई तक कुल 7 जिंदगियां काल के गाल में समा गईं। क्रेशर संचालक की जबलपुर में मौत के बाद दो अन्य महिलाओं की मौत होने पर बस्ती के लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया। ग्रामीणों ने बताया, महगांव साइडिंग निवासी क्रेशर संचालक 15 दिन से बीमार था। क्रेशर में ही आइसोलेट होकर काढ़ा पीते रहे, लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ी तो जिला अस्पताल कटनी पहुंचे। यहां से जबलपुर रेफर कर दिया गया। 11 मई को जबलपुर के निजी अस्पताल में मौत हो गई।

जबलपुर में ही उनका कोविड प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार किया गया। क्रेशर संचालक के सम्पर्क में रहा उनका भाई भी बीमार है। ग्रामीणों ने बताया, लल्लू चौधरी (65) की 27 अप्रैल को, भीमबहादुर नेपाल (80) की 8 मई को, वीरेंद्र सिंह बघेल (47) की 11 मई को, लच्छोबाई कोल (55) की 13 मई को, राजकुमारी पाठकर (60) की 14 मई को मौत हो गई। विजयराघवगढ़ एसडीएम प्रिया चंद्रावत ने कहा, महगांव साइडिंग में मौतों एवं बीमार लोगों की जानकारी नहीं है। मोबाइल टीम गांव-गांव जा रही है। मंगलवार को वहां टीम भेजकर सैंपलिंग कराई जाएगी।

एक दिन में आए थे 36 मरीज; कोरोना संक्रमण की पहली लहर में भी अमेहटा में वायरस का व्यापक प्रकोप था। 10 अक्टूबर को यहां 36 पॉजिटिव आए थे, इनमें 21 लोग एक ही परिवार के थे। कोरोना विस्फोट होने से स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक में हड़कंप मच गया था।

सुपर स्प्रेडर बना सीमेंट फैक्ट्री प्लांट!
ग्राम पंचायत महगांव के सचिव राजीव सिंह क्षत्रिय ने बताया, साइडिंग बस्ती के सामने अमेहटा में सीमेंट प्लांट का काम जारी है। वहां रोजाना 50 से अधिक बाहरी मजदूरों का आना-जाना है। जबकि प्रशासन ने प्लांट को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर रखा है। यहां आने वाले मजदूर बस्ती में घूमते रहते हैं, जिनसे संक्रमण की आशंका है। पंचायत में अभी तक कोरोना के केवल दो पॉजिटिव आए थे, दोनों स्वस्थ हो चुके हैं। मृत क्रेशर संचालक की जांच भी नहीं हई थी।

खबरें और भी हैं…



Source link