जीवनरक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी: जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया का ड्राइवर रेमडेसिविर बेचते हुए गिरफ्तार

जीवनरक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी: जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया का ड्राइवर रेमडेसिविर बेचते हुए गिरफ्तार


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इंदौर35 मिनट पहले

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जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया के ड्राइवर को पुलिस ने रेमडेसिविर बेचते हुए गिरफ्तार किया है।

कलेक्टर के खिलाफ जाकर इस्तीफा देने के बाद चर्चा में आईं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया के ड्राइवर को पुलिस ने रेमडेसिविर बेचते हुए गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक इंजेक्शन भी मिला है। विजय नगर पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर टीम ने 30 वर्षीय पुनीत अग्रवाल निवासी 71 ओल्ड अग्रवाल नगर को गिरफ्तार किया है।

वह किसी को 15 हजार रुपए में इंजेक्शन बेच रहा था। आरोपी डॉ. गडरिया का ड्राइवर है। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वह इंजेक्शन कहां से लाया था। इसके बारे में पूछताछ की जा रही है। इसी बीच, एसटीएफ ने नकली रेमडेसिविर बेचने वाले सुनिल मिश्रा से जुड़े 6 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस को सौंपा है।

असली कंपनी में भेजेंगे नकली इंजेक्शन

वहीं टीआई तहजीब काजी ने बताया कि जो रेमडेसिविर जब्त हुए हैं उनके सैंपल पुष्टि करने के लिए कंपनी में भेजे जाएंगे। पुलिस अब एफएसएल की कागजी कार्यवाही के बाद वहां सैंपल भेजने की तैयारी कर रही है। टीआई के अनुसार नकली रेमडेसिविर खरीदने वाले अभी तक 60 लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। बाकी के लोगों को फोन लगाया जा रहा है, लेकिन वे पुलिस की कार्रवाई से डरकर नहीं आ रहे हैं। उन्हें समझाया जा रहा है कि वे सिर्फ बयान दें, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।

नकली रेमडेसिविर बेचने वाले सुनिल मिश्रा से जुड़े 6 लोग भी हिरासत में

उधर, नकली रेमडेसिविर बेचने वाली गैंग की लिंक खंगाल रही विजय नगर पुलिस और एसटीएफ लगातार कुछ लोगों पर नजर रखे हुए हैं। इसी के चलते एसटीएफ ने सुनील मिश्रा से कनेक्शन रखने वाले छह लोगो को हिरासत में लिया है। ये वे लोग हैं, जिन्होंने इंजेक्शन खरीदे थे, लेकिन किसे बेचे इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

डॉ. गडरिया बोलीं- वह कंपनी का अनुबंधित ड्राइवर है

  • पुनीत स्वास्थ्य विभाग से अनुबंधित कंपनी का ड्राइवर है। सुबह वह मुझे ऑफिस लेकर आया था। शाम को घर जाने के लिए उसे फोन लगाया तो अटेंड नहीं किया। रात में पता चला कि वह रेमडेसिविर बेचते हुए पकड़ा गया है। – डॉ. पूर्णिमा गडरिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी

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