दो चोर पकड़े, 6.8 लाख के गहने बरामद: गहने चोरी होने पर पुलिस से पहले खुद की इंवेस्टीगेशन, पता चला दो लड़के घटना के दिन से हैं गायब, पुलिस से कराए गिरफ्तार

दो चोर पकड़े, 6.8 लाख के गहने बरामद: गहने चोरी होने पर पुलिस से पहले खुद की इंवेस्टीगेशन, पता चला दो लड़के घटना के दिन से हैं गायब, पुलिस से कराए गिरफ्तार


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Investigation Of Himself Before Police Stolen Jewelry, Revealed Two Boys Missing From The Day Of Incident, Police Arrested

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

ग्वालियर4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बरामद गहनों के साथ पुलिस

  • 7 मई को हुई थी चोरी, फरियादी पूरी जांच कर 11 दिन बाद पहुंचा थाने

11 दिन पहले स्कूटी पर रखा गहनों से भरा बैग चोरी करने वाले दो शातिर चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पर इसमें पुलिस की सर्चिंग से ज्यादा फरियादी की इंवेस्टीगेशन काम आई है। घटना के बाद फरियादी ने खुद निगरानी रखी। पता किया कि घटना के बाद से कौन-कौन यहां से गायब है। पता लगा दुकान पर पहले कभी काम करने वाले दो लड़के उसी दिन से नहीं आए हैं, जबकि दिन में दो बार चाय पीने आते थे। तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों लड़कों मंजर खान व विक्की रावत को उनके घरों से उठाकर पूछताछ की तो चोरी का खुलासा हो गया। चोरी गए गहने और नकदी बरामद हो गए हैं।

यह है पूरी घटना

  • गोवर्धन कॉलोनी निवासी शैलेन्द्र पुत्र बृजेन्द्र सिंह भदौरिया महिन्द्रा कंपनी में जॉब करते हैं। घर पर अकेले होने के कारण वह जब भी काम के सिलसिले में बाहर जाते हैं तो पुश्तैनी गहने एक बैग में रखकर हरिशंकरपुरम में अपनी बहन के घर सुरक्षित रख जाते थे। 5 मई को भी वह बाहर गए थे और अपने जेवर व नगदी बहन के घर पर रख गए थे। 7 मई को बाहर से लौटने के बाद बहन के घर से जेवर व नगदी एक बैग में रखकर वह स्कूटी से वापस घर लौट रहे थे। स्टेशन के पास एक चाय के होटल पर चाय पीने के लिए रूक गए। चाय पीते समय बैग उन्होंने स्कूटी पर छोड़ दिया था। चंद मिनट बाद देखा तो बैग गायब था। बैग में 6.8 लाख रुपए के गहने थे। इससे वह परेशान हो गए। पर पड़ाव थाना पुलिस को उन्होंने मामले की सूचना 11 दिन बाद 18 मई को दी। इस समय में उन्होंने चोरों का पता लगा लिया था।

ऐसे इंवेस्टीगेशन कर पकड़वाए चोर

  • बृजेन्द्र सिंह ने चोरी के बाद पुलिस में जाने के बदले अपने स्तर पर जांच शुरू की। उन्होंने देखा कि होटल पर अक्सर आने और जाने वालों में कोई गायब तो नहीं है। पता लगा कि कभी इसी होटल पर काम करने वाले मंजर खान और विक्की रावत निवासी घाटीगांव उस दिन घटना के समय यहीं चाय पी रहे थे। वह दोनों पास ही दुकान पर काम करते हैं। हर दिन कम से कम से दो से तीन बार चाय पीने आते हैं। इस पर बृजेन्द्र ने पता किया तो जानकारी मिली कि दोनों संदेही उसी दिन से नहीं आ रहे हैं। वह दुकान पर भी नहीं आए। इसके बाद वह पड़ाव थाने पहुंचे और घटना के साथ पूरी जांच से अवगत कराया। पुलिस ने मंजर और विक्की का पता लगाकर उनको घर से हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ की तो उन्होंने चोरी कुबूल की है। घर से बैग भी बरामद कर लिया है। जिसमें गहने और नकदी मिल गई है।

खबरें और भी हैं…



Source link