डरें नहीं… सतर्क रहें: रतलाम जिले में दो दिन में दो संदिग्ध केस सामने आए, मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का वार्ड बनाया, दवा मंगवाई

डरें नहीं… सतर्क रहें: रतलाम जिले में दो दिन में दो संदिग्ध केस सामने आए, मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का वार्ड बनाया, दवा मंगवाई


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रतलाम3 घंटे पहले

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  • दूसरी लहर में 7880 लोगों ने काेराेना को हराया, 45% शुगर वाले थे, उन्हें नया खतरा

आपने कोरोना को हरा दिया है… अच्छी बात है। लेकिन, नया खतरा आपके आसपास है। हम डरा नहीं रहे, बल्कि सतर्क कर रहे हैं। दरअसल, दूसरी लहर की शुरुआत 1 अप्रैल से शहर में 7880 लोग कोरोना को हरा चुके हैं, इनमें से 45% लोग ऐसे है, जिन्हें शुगर की बीमारी थी। इस कंडीशन में ब्लैक फंगस का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इधर, शहर में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए काम आने वाले एंफोटेरिसिन बी का एक भी इंजेक्शन नहीं है। ऐसे में इलाज का इंतजाम तो मेडिकल कॉलेज में हो गया है, लेकिन दवा के लिए अधिकारी चिंतित है।

ब्लैक फंगस बीमारी के मरीज प्रदेशभर में सामने आ रहे हैं। रतलाम में एक मरीज मिला, लेकिन, उनका इंदौर में इलाज चल रहा है। इधर, डॉक्टरों के मुताबिक इस बीमारी का खतरा उन लोगों को सबसे ज्यादा है, जिन्हें शुगर थी और कोरोना हो गया। कोरोना के इलाज में स्टेरायड देते हैं, जो शुगर के मरीजों के लिए हानिकारक है। विशेष सावधान रहने की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज में 45% केस में मरीजों को शुगर रही है। खतरे को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का वार्ड शुरू कर दिया है। यहां ब्लैक फंगस का इलाज किया जाएगा।

मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए इंजेक्शन की जरूरत

इधर, मेडिकल कॉलेज में मरीज का ख्याल रखने, इलाज के सभी संसाधन जुटा लिए हैं, लेकिन दवा का इंतजाम नहीं है। डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने शासन को लिखा है कि एंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन का इंतजाम किया जाए। कॉलेज मंे अन्य स्तर से भी इस इंजेक्शन को जुटाने के प्रयास हो रहे हैं।

स्टाॅकिस्ट बोले – जितने इंजेक्शन सालभर में लगते थे, राेज लग रहे, इसलिए प्रदेशभर में इसकी शॉर्टेज है

इंक्वायरी आ रही, इंजेक्शन नहीं है
एंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन की शॉर्टेज सभी जगह है, इंक्वायरी आ रही है, लेकिन हमारे पास इंजेक्शन नहीं है। कंपनियां भी नहीं दे रही, क्योंकि सालभर में जितने इंजेक्शन लगते थे, अब रोज लग रहे हैं, ऐसे में स्टॉक की शॉर्टेज है। पवन कोठारी, कोठारी एजेंसी

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