विधानसभा चुनाव से पहले ग्वालियर-चंबल में बिग 3 कैट, चीता के बाद बाघ लाने की तैयारी


 भोपाल. ग्वालियर चंबल के लिए अच्छी खबर है. श्योपुर के कूनो पालपुर राष्ट्रीय अभयारण्य में चीता बसाने के बाद अब श्योपुर से लगे शिवपुरी में बाघों को छोड़ने की तैयारी है. शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में 5 बाघ छोड़ने के लिए एनटीसीए ने अपनी मंजूरी दे दी है. पहले चरण में 3 बाघ माधव नेशनल पार्क में छोड़े जाएंगे. इसमें एक नर और दो मादा होंगे. यदि बाघ वहां पर सरवाइव करते हैं तो अगले चरण में 2 और बाघ माधव नेशनल पार्क में छोड़े जाएंगे. वन विभाग ने एनटीसीए की मंजूरी के बाद नवंबर में बाघ छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है.

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय को माधव नेशनल पार्क में बाघ बसाने की मांग की थी. इस पर मंत्रालय ने 5 बाघ माधव नेशनल पार्क में छोड़ने की अनुमति दे दी है. एनटीसीए की मंजूरी के बाद अब मध्य प्रदेश का वन विभाग बाघ को चिन्हित करने में लगा है. बताया जा रहा है कि सतपुड़ा और बांधवगढ़ नेशनल पार्क से तीन बाघ पहले चरण में माधव नेशनल पार्क में छोड़े जाएंगे. फिलहाल माधव नेशनल पार्क में बाघों के अनुकूल बाड़े तैयार किए जा रहे हैं. नवंबर महीने में बाघ को छोड़ा जाएगा. जनवरी से सैलानी उन बाघों का दीदार कर सकेंगे.

बिग 3 कैट
सरकार की इस पहल से ग्वालियर चंबल संभाग में बिग 3 कैट होंगे. यहां तेंदुए पहले से हैं. हाल ही में कूनो में चीते भी छोड़े जा चुके हैं. अब बाघ भी बसाए जा रहे हैं. ऐसे में जो पर्यटक चीतों को देखने के लिए आएंगे वह महज 60 किलोमीटर का सफर तय कर माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ भी देख सकेंगे. मतलब साफ है कि प्रदेश की सियासत में इस समय ग्वालियर चंबल केंद्र बिंदु में है. यही वजह है कि चंबल में चीतों के बाद अब बाघों की दस्तक की तैयारी से यहां का सियासी माहौल भी बदलने की कोशिश है.

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चीतों की निगरानी
फिलहाल नामीबिया से लाकर कूनो में छोड़े गए चीतों को भी निगरानी में रखा गया है. उनके व्यवहार में अब सामान्य अंतर नजर आ रहा है. वन विभाग ने अगले 4 महीने तक चीतों को आम लोगों से दूर रखा है. वन विभाग के मुताबिक अगले साल जनवरी तक लोग चीतों को भी देख सकेंगे.

चीता-बाघ चुनावी मसला
बीजेपी कूनो में चीतों को छोड़ने की अपनी कामयाबी को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ग्वालियर चंबल के विकास से जोड़ कर प्रचारित कर रही है. बीजेपी का कहना है बाघ बसाने के बाद चंबल इलाके का विकास तेजी के साथ होगा और लोग एक साथ बाघ और चीतों को देख सकेंगे. इससे श्योपुर शिवपुरी का भी विकास होगा.

हालांकि ग्वालियर चंबल में बाघ और चीता के जरिए रोजगार के अवसर बताने के बीजेपी के बयानों पर कांग्रेस सवाल खड़े कर रही है. कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा प्रदेश में गायों की मौत हो रही है और सरकार बाघ और चीता का इवेंट करने में लगी है. किसान प्याज और लहसुन का दाम नहीं मिलने से परेशान हैं. सरकार को आम लोगों की समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए.

Tags: Asiatic Cheetah, Madhya pradesh latest news, Tiger reserve areas, Wildlife news in hindi



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