परिचय
भारत में सड़क सुरक्षा दुर्घटनाओं में गलत साइड ड्राइविंग एक महत्वपूर्ण कारण के रूप में सामने आया है, जो जीवन को खतरे में डालता है और यातायात व्यवस्था को बाधित करता है. ₹500 से ₹1,500 तक के जुर्माने के बावजूद, लोगों में यह आदत बनी हुई है, जो यातायात अधिकारियों के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है. जानबूझकर लापरवाही पूर्वक ड्राइविंग की गई हो या नेविगेशन की वजह से गलत साइड में ड्राइविंग, दोनों ही तेज रफ्तार वाले क्षेत्रों में बहुत खतरनाक होती है, जो अक्सर गंभीर चोटों और मौत जैसे विनाशकारी परिणामों की ओर ले जाती हैं.
गलत दिशा में गाड़ी चलाने के गंभीर खतरे
o यातायात की दिशा के विपरीत गाड़ी चलाने से आमने-सामने की टक्करों की संभावना बहुत बढ़ जाती है, विशेष रूप से तेज गति वाले क्षेत्रों में, जिससे गंभीर चोटें या मौतें होती हैं.
2- यातायात में व्यवधान
o गलत दिशा में वाहन चलाने से भ्रम और बाधाएं पैदा होती हैं, सामान्य यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है.
o अपराधियों को कानून की विभिन्न धाराओं के तहत भारी जुर्माना, संभावित लाइसेंस निलंबन और कारावास का सामना करना पड़ सकता है. इसके अतिरिक्त पीड़ितों और कानून का उल्लंघन करने वालों को वाहन क्षति, चिकित्सा व्यय और बीमा दावों से होने वाले खर्चों का सामना करना पड़ता है.
गलत दिशा में वाहन चलाने से निपटने के लिए कानूनी प्रावधान
o गलत दिशा में वाहन चलाना एक अपराध है, जिसके लिए ₹5,000 तक का जुर्माना और छह महीने तक की सजा हो सकती है.
2- भारतीय दंड संहिता, धारा 279
o ये धारा लापरवाही से वाहन चलाने पर रोक लगाती है, जिससे जान को खतरा हो सकता है, जिसके लिए ₹1,000 तक का जुर्माना, छह महीने की जेल या दोनों हो सकते हैं.
o ये धारा गलत दिशा में वाहन चलाने और अन्य खतरनाक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है, जिसका उद्देश्य चालकों, यात्रियों और पैदल चलने वालों को सुरक्षा प्रदान करना है.
गलत साइड ड्राइविंग के मूल कारण
• भीड़भाड़ वाला शहरी यातायात : ड्राइवर अक्सर समय बचाने के लिए भीड़भाड़ वाली सड़कों पर शॉर्टकट की तलाश करते हैं।
• चलन या व्यवहार में आना: अक्सर कुछ क्षेत्रों में छोटी-मोटी घटनाओं को नजरअंदाज करते हुए गलत साइड की ड्राइविंग को लोग एक चलन या व्यवहार बना लेते हैं.
गलत साइड ड्राइविंग को रोकने के लिए तकनीक का प्रयोग
1- स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR – Automatic number-plate recognition):
o यह व्यवस्था अधिकारियों को वास्तविक समय में उल्लंघनकर्ताओं की पहचान करने और प्रभावी रूप से दंड लगाने में सक्षम बनाती है.
o आधुनिक पहचान क्षमताओं से लैस कैमरे जो उल्लंघनों को स्वचालित रूप से रिकॉर्ड करते हैं और तत्काल कार्रवाई करते हैं.
3- टायर-किलर स्पाइक्स:
o ये तरीका गलत दिशा में वाहन चलाने का प्रयास करने वाले वाहनों के टायर पंचर कर देता है, जिससे उल्लंघनों पर प्रभावी रूप से नियंत्रण होता है.
गलत दिशा में वाहन चलाने वालों से निपटने के लिए भारत की योजना तकनीक, नियम कानूनों को प्रभावशाली रूप से लागू करने और जागरूकता के तीन बिंदुओं पर आधारित है. जिम्मेदार ड्राइविंग के व्यवहार को बढ़ावा देने और नित नए सुरक्षा उपायों को एक साथ प्रयोग में लाने से देश सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम कर सकता है और सभी के लिए सुरक्षित यात्रा भी सुनिश्चित कर सकता है.
याद रखिए, गलत दिशा में जान बूझकर वाहन चलाने की सुविधा इस योग्य नहीं होती कि खतरा मोल लिया जाए. सड़क पर हर विकल्प में जान बचाने या जान को खतरे में डालने की ताकत होती है – आइए समझदारी से चुनाव करें.