अबकी मॉनसून में मक्का बना देगा मालामाल! वैरायटी से लेकर बुवाई तक… किसान मान लें एक्सपर्ट की ये बात

अबकी मॉनसून में मक्का बना देगा मालामाल! वैरायटी से लेकर बुवाई तक… किसान मान लें एक्सपर्ट की ये बात


Last Updated:

Maize Cultivation Tips: मॉनसून के पहले किसान मक्के की खेती करने की तैयारी में हैं. लेकिन, इस बार अगर आप इन बातों को ध्यान दे दें तो फसल और बेहतरीन होगी.

हाइलाइट्स

  • मक्का की बुवाई के लिए पौधों की दूरी 1 फीट रखें
  • हाइब्रिड वैरायटी के बीज प्रति एकड़ 5-6 किलो बुवाई करें
  • फसल में कीट प्रकोप की निगरानी रखें

Agri Tips: सागर सहित बुंदेलखंड के किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारी शुरू कर दी है. हल्की बारिश होते ही मक्का की बुवाई शुरू हो जाएगी. लेकिन, अच्छे उत्पादन के लिए केवल बुवाई कर देना ही काफी नहीं. उसका मैनेजमेंट भी बहुत जरूरी है. जैसे किस विधि से बुवाई करना चाहिए? बीज कितना होना चाहिए? पौधों की दूरी कितनी हो?  इनमें पोषक तत्व कौन से और कब दिए जाएं? पौधे उगने के बाद क्या करें? जो किसान मक्का की खेती शुरू कर रहे हैं, उन्हें किन-किन चीजों का ध्यान रखना है, कृषि एक्सपर्ट से जानिए..

सागर कृषि विज्ञान केंद्र बिजोरा के प्रभारी डॉक्टर आशीष त्रिपाठी बताते हैं कि इस समय दो तरह के बीज उपलब्ध हैं. इसमें अगर आप हाइब्रिड वैरायटी का इस्तेमाल करते हैं तो यह बीज उपचार के साथ आता है. प्रति एकड़ 5 से 6 किलो तक के हिसाब से बुवाई कर सकते हैं. वहीं, दूसरी कंपोजिट वैरायटी होती है, जो जबलपुर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई है. इसमें जवाहर मक्का 216, जवाहर मक्का 215, जवाहर मक्का 218 हैं. इन वैरायटी को 8 किलो एकड़ प्रति ग्राम की दर से बुवाई कर सकते हैं.

पौधों से दूरी हो कम
बुवाई करते समय इस बात का ध्यान रखें कि पौधे की दूरी कम से कम 1 फीट हो इससे बढवार अच्छी होती है. भुट्टे भी अच्छे लगते हैं, इसलिए बहुत घना ना बोएं. मक्का की खेती करते समय बुवाई से पहले और बुवाई के बाद के पोषक तत्व प्रबंधन का ध्यान रखना होता है. इससे फसल से हम अच्छा उत्पादन ले सकेंगे.

ये खनिज डालने होंगे 
जिस समय खेत तैयार कर रहे होते हैं, उस समय प्रति एकड़ तीन बोरी सिंगल सुपर फास्फेट और 30 किलो यूरेटान पोटाश जमीन को देते हैं. और जब बुवाई के बाद हमारी फसल 20 से 25 दिन की हो जाती है तब यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करते हैं 40 से 45 दिन की होने पर दूसरी बार यूरिया देते या फिर नैनो यूरिया का छिड़काव कर सकते हैं.

कीटों की निगरानी रखें
सबसे जरूरी बात की खेत में फसल होने के बाद इनमें लगने वाली कीट प्रकोप पर ध्यान देना होता है. इसमें एक इल्ली फाल आर्मीवॉर्म FAW होती है, जो पत्तियों को खा जाती है इसकी पहचान पत्तियों की कटिंग और उनके आसपास गंदगी का मिलना होता है. मक्के में शुरुआत में कीट प्रकोप होता है. फिर वह चलता रहता है. किसान कीटों की निगरानी रखें.

homeagriculture

मॉनसून में मक्का बना देगा मालामाल! वैरायटी से लेकर बुवाई तक… जान लें ये बात



Source link