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बालाघाट जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर लांजी नगर परिषद है. वहां पर कचरा संग्रहण और निपटान पर सवाल उठ रहे है. सवाल ये है कि शासन एक तरफ सफाई के लिए अपनी पीठ थपथपा रहा है और दूसरी तरफ नगर परिषद लांजी में क…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- लांजी नगर परिषद में खुले में कचरा निष्पादन हो रहा
- कचरे को जलाने से धुआं और बदबू से लोग परेशान
- इस चीज की कमी से कचरा दफन नहीं हो पा रहा
Balaghat News: भारत में स्वच्छता को लेकर एक क्रांति शुरू हुई थी. इस दौरान गांवों के घर-घर में शौचालय बनाए गए. हर दफ्तर और स्कूल में स्वच्छता की मुहिम चलाई गई. इस मुहिम को लगभग 10 साल हो गए हैं, लेकिन शायद मध्य प्रदेश के बालाघाट में आजतक वेस्ट मैनेजमेंट नहीं हो पाया. यह हम इसलिए कह रह हैं क्योंकि लोकल 18 की टीम की नजर लांजी नगर परिषद के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पड़ी, जहां खुले में कचरा फैला हुआ है.
बालाघाट जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर लांजी नगर परिषद है. वहां पर कचरा संग्रहण और निपटान पर सवाल उठ रहे हैं. सवाल यह कि एक तरफ शासन सफाई के लिए अपनी पीठ थपथपा रहा है, वहीं दूसरी तरफ लांजी नगर परिषद में कचरा निष्पादन केंद्र खुले में है. इतना ही नहीं, यह अंतर्राज्यीय सड़क लांजी से भिलाई जाने वाली सड़क के बिल्कुल किनारे है. ऐसे में खुले कचरे की बदबू से यात्रियों का हाल बेहाल हो जाता है.
कचरे को जलाने का तरीका
सामान्यतः सूखा और गीला कचरा अलग कर उसे उचित तरीके से निपटाया जाता है, लेकिन लांजी नगर परिषद के जिम्मेदारों ने इसके निपटान के लिए आसान तरीका खोज निकाला है. वे लोग कचरे को एक साथ आग लगा देते हैं, जो धीरे-धीरे जलता रहता है. इससे निकलने वाला धुआं आसपास रहने वाले लोगों, फसलों और पशुओं को परेशान करता है. जब किसान पराली जलाता है, तो एफआईआर दर्ज होती है. अब क्या लांजी नगर परिषद पर भी एफआईआर होगी?
नगर परिषद के कचरे के डंप से जलने के कारण आसपास के रहवासी परेशान हैं. बारिश के आने के बाद उनकी परेशानी और बढ़ सकती है, जिससे वे बीमार हो सकते हैं.
लांजी नगर परिषद के जिम्मेदार बोले…
लांजी नगर परिषद के दफ्तर पहुंचे तो कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं थे. लोकल 18 ने स्वच्छता शाखा के प्रभारी से फोन पर बातचीत की. उन्होंने स्वीकार किया कि नगर परिषद ही कचरे को जला रहा है. इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने बताया कि वे लंबे समय से जेसीबी की मांग कर रहे हैं, ताकि कचरे को दफन किया जा सके, लेकिन उन्हें जेसीबी नहीं मिल रही है.