उल्लू दिखना शुभ या अशुभ? जानें क्या कहता है शकुन-अपशकुन पर बुजुर्गों का अनुभव

उल्लू दिखना शुभ या अशुभ? जानें क्या कहता है शकुन-अपशकुन पर बुजुर्गों का अनुभव


खंडवा. भारत में प्राचीन मान्यताओं और परंपराओं का बड़ा गहरा संबंध प्रकृति और जीव-जंतुओं से रहा है. पक्षियों में उल्लू को लेकर विशेष मान्यता प्रचलित है. मध्य प्रदेश के खंडवा समेत पूरे भारत में उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है लेकिन इसके साथ ही इसे लेकर कई शुभ-अशुभ संकेत भी बताए जाते हैं. बुजुर्गों का मानना है कि उल्लू का दिखना कभी शुभ संकेत लेकर आता है, तो कभी इसे अपशकुन भी माना जाता है. खासकर उल्लू के देखे जाने की दिशा पर इस मान्यता का बहुत प्रभाव होता है.

खंडवा निवासी पंडित लव जोशी ने लोकल 18 से कहा कि शास्त्रों के अनुसार अगर उल्लू दाहिनी ओर देखकर बोले या उसकी आवाज आए, तो इसे अशुभ संकेत माना जाता है. मान्यता है कि इससे घर-परिवार में कोई संकट आ सकता है या कोई अनहोनी घटित हो सकती है. यही कारण है कि जब लोग उल्लू की आवाज सुनते हैं, तो घबराने लगते हैं और अपशकुन की आशंका करने लगते हैं. वहीं यदि उल्लू बाईं ओर देखकर बोले, तो इसे शुभ संकेत माना जाता है. ऐसी स्थिति में माना जाता है कि घर में धन, समृद्धि और शुभ समाचार आने की संभावना बढ़ती है. बुजुर्गों के अनुसार, ऐसे समय में यदि आपकी नजरें उल्लू से मिल जाएं, तो यह विशेष शुभ होता है और धन-लाभ के योग बनते हैं.

उल्लू से नजरें मिलना भी शुभ संकेत
पंडित लव जोशी कहते हैं कि कुछ मान्यताओं के अनुसार यदि उल्लू अचानक आपकी आंखों में आंखें डालकर देखे, तो यह भी धन-धान्य में वृद्धि का संकेत होता है. मां लक्ष्मी का वाहन होने के नाते उल्लू जब किसी व्यक्ति को इस तरह देखता है, तो समझा जाता है कि लक्ष्मी जी की विशेष कृपा उस व्यक्ति पर होने वाली है. शकुन शास्त्र में उल्लू को रोगनाशक भी माना गया है. अगर किसी रोगी व्यक्ति के ऊपर से उल्लू उड़ता हुआ निकल जाए या उसे स्पर्श करते हुए निकल जाए, तो यह माना जाता है कि रोगी के रोग दूर हो जाते हैं और उसकी सेहत में तेजी से सुधार होता है.

उल्लू की आवाज के अलग-अलग अर्थ
1- अगर उल्लू लगातार एक ही दिशा में देखकर बोले, तो घर के किसी सदस्य को सावधानी बरतनी चाहिए.
2- अगर उल्लू शाम के समय बोले, तो यह धनलाभ का संकेत हो सकता है.
3- यदि उल्लू आधी रात के बाद बोले, तो इसे अचानक कोई बुरी खबर या संकट का संकेत माना जाता है.

आधुनिक विज्ञान क्या कहता है?
अगर विज्ञान के नजरिए से देखें, तो उल्लू एक निशाचर पक्षी है. रात के समय भोजन की तलाश में यह आवाज निकालता है लेकिन हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के इन संकेतों को देखकर समय-समय पर शुभ-अशुभ के कई संकेत जोड़े.

मां लक्ष्मी के वाहन के रूप में उल्लू का महत्व
उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना गया है. लक्ष्मी माता जहां भी जाती हैं, उल्लू उनके साथ होता है. यह ज्ञान का, गूढ़ रहस्यों का और रात्रि की शक्तियों का भी प्रतीक है, इसीलिए दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के समय उल्लू का विशेष महत्व होता है.

सावधानी रखें लेकिन डरें नहीं
कुल मिलाकर उल्लू को देखकर डरने की जरूरत नहीं है. यह पक्षी अपने स्वभाव से ही रात में सक्रिय होता है और शिकार करता है लेकिन अगर आप परंपराओं को मानते हैं, तो उसकी दिशा, समय और आवाज पर ध्यान देकर संकेतों को समझ सकते हैं. साथ ही यह भी जरूरी है कि किसी भी अपशकुन के डर से न घबराएं बल्कि ईश्वर पर विश्वास बनाए रखें.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



Source link