कब से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि? इस समय भूल से भी न हो ये भूल, नाराज हो जाएंगी 10 महाविद्या

कब से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि? इस समय भूल से भी न हो ये भूल, नाराज हो जाएंगी 10 महाविद्या


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Ashadh Gupt Navratri: चैत्र नवरात्रि के बाद आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आती है. इस ये नवरात्रि जून के अंत में शुरू होगी. इस संबंध में जानें मुख्य बातें…

हाइलाइट्स

  • आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 26 जून से शुरू होगी
  • गुप्त नवरात्रि का समापन 04 जुलाई को होगा
  • गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा होती है

Gupt Navratri Date: हिंदू धर्म में साल में चार नवरात्रि होती हैं. शारदीय और चैत्र नवरात्रि के अलावा दो गुप्त नवरात्रि भी होती हैं. गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों समेत दस महाविद्याओं की पूजा गुप्त तरीके से की जाती है. इससे भक्त के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं. माता दुर्गा की विशेष कृपा बरसती है. आषाढ़ महीने की शुरुआत हो चुकी है. इसी महीने में गुप्त नवरात्रि भी है. उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज ने बताया कि गुप्त नवरात्रि कब शुरू होगी. इस दौरान क्या करना शुभ है और क्या अशुभ.

जानिए घटस्थापन का शुभ मुहूर्त
गुप्त नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापन करने का विधान है. आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 25 जून से शुरू हो रही है, लेकिन उदयातिथि के अनुसार 26 जून को गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी. उसी दिन घटस्थापन किया जाएगा. इस गुप्त नवरात्रि का समापन 04 जुलाई को होगा.

गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा
गुप्त नवरात्रि के पहले दिन मां काली, दूसरा दिन मां तारा, तीसरा दिन मां त्रिपुर सुंदरी, चौथा दिन मां भुवनेश्वरी, पांचवा दिन मां छिन्नमस्तिका, छठा दिन मां त्रिपुर भैरवी, सातवां दिन मां धूमावती, आठवां दिन मां बगलामुखी, नौवां दिन मां मातंगी, दसवां दिन मां कमला की पूजा होती है.

इन दिनों क्या करना चाहिए
गुप्त नवरात्रि में तंत्र क्रिया से जुड़े लोग माता की विशेष पूजा अनुष्ठान करते हैं. इस दौरान सामान्य व्यक्ति भी पूजा कर सकता है. माता की रोज पूजा और आराधना करनी चाहिए. शुद्धता का पालन करते हुए माता के मंत्रों का जाप करना चाहिए.

इन कार्यों को भूलकर भी न करें

  • मां दुर्गा के रौद्र रूप की तस्वीर गुप्त नवरात्रि के दौरान नहीं लगानी चाहिए. इससे जीवन पर बुरा असर पड़ सकता है.
  • गुप्त नवरात्रि के दौरान तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. मांस, मदिरा का सेवन कतई न करें.
  • गुप्त नवरात्रि के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए, इसे अशुभ माना जाता है.
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कब शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि? न हो ये भूल, नाराज हो जाएंगी 10 महाविद्या

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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