3 बड़े कारण… जिसकी वजह से इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज हार सकता है भारत

3 बड़े कारण… जिसकी वजह से इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज हार सकता है भारत


भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की हाईप्रोफाइल टेस्ट सीरीज का आगाज 20 जून से होने जा रहा है. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का पहला टेस्ट मैच 20 जून से लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा. इंग्लैंड की धरती पर 20 जून से 4 अगस्त तक भारत पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगा. टीम इंडिया की कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में है और सामने वह टीम है जो अपने घर पर हमेशा टेस्ट मैचों में धुआंधार क्रिकेट खेलती है. ऐसे 3 बड़े कारण है, जिसकी वजह से इंग्लैंड की धरती पर भारत यह टेस्ट सीरीज हार सकता है.

1. विराट कोहली का टीम इंडिया में नहीं होना

विराट कोहली जैसा धुरंधर बल्लेबाज अब भारत की टेस्ट टीम में नहीं होगा, क्योंकि वह पिछले महीने ही लाल गेंद की क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. विराट कोहली के नहीं होने से भारतीय टेस्ट टीम की ताकत आधी हो गई है और वह इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार सकती है. विराट कोहली के बिना टीम इंडिया के लिए इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज जीतना बहुत मुश्किल है. केएल राहुल को छोड़कर भारत के पास कोई भी ज्यादा अनुभवी बल्लेबाज नहीं हैं, जो इंग्लैंड के मुश्किल हालात में स्विंग लेती गेंदों के सामने टिककर बल्लेबाजी कर सके. करूण नायर 8 साल बाद टेस्ट टीम में लौटे हैं, लेकिन उनसे इंग्लैंड दौरे पर अचानक किसी बड़े चमत्कार की उम्मीद नहीं की जा सकती है. भारत में सपाट पिचों पर घरेलू क्रिकेट खेलने और इंग्लैंड में ग्रीन टॉप पिचों पर टेस्ट मैच खेलने में जमीन और आसमान का अंतर है.

2. शुभमन गिल का इंग्लैंड में खराब रिकॉर्ड

इंग्लैंड में शुभमन गिल का बल्लेबाजी औसत 15 से भी नीचे है. शुभमन गिल ने इंग्लैंड में अभी तक 3 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 14.66 की घटिया औसत से सिर्फ 88 रन ही बनाए हैं. शुभमन गिल ने किसी भी SENA देश (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में एक भी शतक नहीं ठोका है. विदेशी धरती पर शुभमन गिल का बैटिंग औसत बहुत खराब है. विदेशी धरती पर शुभमन गिल के बल्ले से महज 29.50 की औसत से रन निकले हैं. शुभमन गिल ने अब तक SENA देशों और वेस्टइंडीज में खेले गए 13 टेस्ट मैचों में 559 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत सिर्फ 25 रहा है. शुभमन गिल ने इस दौरान 24 पारियों में सिर्फ दो अर्धशतक लगाए हैं. साल 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिसबेन टेस्ट में 91 रन की मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद से शुभमन गिल का बल्ला SENA देशों में खामोश रहा है. शुभमन गिल की बात करें तो उन्होंने अभी तक 32 टेस्ट मैचों में 35.06 की औसत से 1893 रन बनाए हैं.

3. भारत का कमजोर पेस बॉलिंग अटैक

जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को अगर छोड़ दिया जाए तो भारत के पास ऐसा कोई भी तेज गेंदबाज नहीं है जो इंग्लैंड के खतरनाक बल्लेबाजों बेन स्टोक्स और जो रूट पर लगाम लगा सके. जसप्रीत बुमराह इस दौरे पर 3 से ज्यादा टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे, ऐसे में मोहम्मद सिराज पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ेगा. टीम इंडिया को इस दौरान मोहम्मद शमी की भी कमी खलेगी. मोहम्मद शमी ने इंग्लैंड की धरती पर 14 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 42 विकेट चटकाए हैं. मोहम्मद शमी गेंद को तेजी के साथ हवा में मूव कराने का यूनिक टैलेंट रखते हैं. इंग्लैंड में ड्यूक गेंद से गेंदबाजी होती है. ड्यूक गेंद को खेलना कूकाबूरा और एसजी की तुलना में बहुत मुश्किल होता है. मोहम्मद शमी ड्यूक गेंद का इस्तेमाल कर घातक तरीके से शिकार करने में माहिर हैं. फिटनेस का हवाला देते हुए सेलेक्टर्स ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से मोहम्मद शमी को बाहर कर दिया था.



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