भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक युद्ध का मैदान भी रहा है. क्रिकेट की गरिमा के साथ-साथ कई बार टेस्ट मैचों के दौरान विवादों का भी तड़का लगा है. ये विवाद टेस्ट इतिहास में दर्ज हो गए हैं और दोनों देशों की टेस्ट राइवलरी को और भी रोमांचक बनाते हैं. 20 जून से शुरू होने वाली भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज से पहले आइए जानते हैं उन 5 बड़े विवादों के बारे में, जिन्हें लेकर खूब बवाल मचा था.
‘वैसलीन’ विवाद (1976-77)
यह सबसे पुराने और बड़े विवादों में से एक है, जब 1976-77 में भारत के दौरे पर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉन लीवर पर गेंद पर वैसलीन लगाने का आरोप लगा था. चेन्नई में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान भारतीय टीम ने शिकायत की कि लीवर अपनी भौंह पर वैसलीन लगी पट्टी लगा रहे हैं और फिर उसे गेंद पर रगड़कर उसे चमका रहे हैं, जिससे गेंद को अधिक स्विंग मिल रही है. हालांकि, इंग्लिश टीम ने दावा किया कि फिजियो ने पसीने को रोकने के लिए अपनी भौंहों पर वैसलीन लगी पट्टी इस्तेमाल करने का सुझाव दिया. यह घटना बॉल टैम्परिंग के संदेह के दायरे में आई थी.
सुनील गावस्कर का वॉक-आउट (1979)
1979 में इंग्लैंड दौरे पर ओवल टेस्ट के दौरान भारत के महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर को विवादास्पद तरीके से LBW आउट दिया गया. उन्हें लगा कि गेंद उनके बल्ले से लगी थी और उन्होंने अंपायर के फैसले से नाराज दिखे. गावस्कर इतने नाराज हुए कि उन्होंने अंपायर के फैसले के विरोध में मैदान से वॉक-आउट करने की कोशिश की, जिससे खेल थोड़ी देर के लिए रुक गया. हालांकि, टीम के मैनेजर और साथी खिलाड़ियों के हस्तक्षेप के बाद वह वापस आए, यह घटना अंपायरिंग के फैसलों पर खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया और खेल भावना की सीमाओं पर बहस का कारण बनी.
जेलीगेट कांड (2007)
2007 में ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के दौरान एक ऐसा विवाद हुआ, जिसे ‘जेलीगेट’ नाम से जाना जाता है. दरअसल, जब भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान बल्लेबाजी के लिए आए तो इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने क्रीज पर जेली बीन्स फेंकना शुरू कर दिया. जहीर खान इसे एक अपमानजनक हरकत मानते हुए गुस्से में आग बबूला हो गए. हालांकि, इसका बदला भारतीय पेसर ने दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए लिया, जब उन्होंने 5 विकेट लेकर भारत की जीर में बड़ी भूमिका निभाई. भारत ने 1986 के बाद पहली बार इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती.
इयान बेल रन आउट (2011)
इयान बेल का रन आउट विवाद भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ‘खेल भावना’ को लेकर सबसे ज्यादा चर्चित विवादों में से एक है. यह घटना 2011 में इंग्लैंड दौरे पर नॉटिंघम टेस्ट के तीसरे दिन हुई. इंग्लैंड की दूसरी पारी चल रही थी और इयान बेल 137 रन पर शानदार खेल रहे थे. टी ब्रेक से ठीक एक गेंद पहले इयोन मोर्गन ने इशांत शर्मा की गेंद को डीप स्क्वॉयर लेग की ओर खेला. बेल को लगा कि गेंद बाउंड्री लाइन को छू चुकी है यानी चौका हो चुका है. यह सोचकर वह 3 रन पूरे किए बगैर ही दूसरे छोर पर खड़े मोर्गन के पास वापस आ गए. हालांकि, बाउंड्री लाइन पर भारतीय फील्डर प्रवीण कुमार ने गेंद को रोक लिया था और उसे तुरंत विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी को फेंका. धोनी ने गेंद को नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े अभिनव मुकुंद को पास किया, जिन्होंने स्टंप्स बिखेर दिए. भारतीय टीम ने रन आउट की अपील की. मामला थर्ड अंपायर के पास गया तो बेल आउट थे, लेकिन धोनी की दरियादिली ने यहां तब सबका दिल जीत लिया जब उन्होंने इस अपील को ही वापस ले लिया, जिससे बेल नॉटआउट रहे.
एंडरसन-जडेजा विवाद (2014)
2014 में ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के दौरान इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन और भारत के रवींद्र जडेजा के बीच मैदान पर तीखी नोकझोंक हुई. भारतीय टीम मैनेजमेंट ने आरोप लगाया कि एंडरसन ने ड्रेसिंग रूम में लौटते समय जडेजा को धक्का दिया. इस घटना के बाद भारतीय टीम ने एंडरसन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिससे आईसीसी (ICC) द्वारा एक लंबी जांच शुरू हुई. हालांकि, सबूतों की कमी के चलते एंडरसन को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया, लेकिन ये विवाद काफी चर्चा में रहा.