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Jabalpur News: यूनिवर्सिटी की ओर से इसके लिए 500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है. यह इलाज लगातार पांच दिनों तक कराया जा सकता है.
जबलपुर. अभी तक आपने सुना होगा कि मरीज के लिए आईसीयू वार्ड होता है लेकिन मध्य प्रदेश के इकलौते ऐसे कॉलेज ने कमाल कर दिखाया है, जहां मरीजों के लिए नहीं बल्कि जानवरों के इलाज के लिए एक प्रकार का आईसीयू वार्ड बनाया गया है. यहां जानवरों का बेहतर इलाज किया जा रहा है. जबलपुर के वेटनरी कॉलेज ने यह कमाल कर दिखाया है. दरअसल इससे पहले कॉलेज में ओपन प्लेस में ही जानवरों का ट्रीटमेंट किया जाता था लेकिन अब कुत्ता हो या फिर बिल्ली या फिर कोई पक्षी ही क्यों न हो, सभी का इलाज बेहतर तरीके से हो, इसको लेकर कॉलेज में यह कवायद शुरू हो गई है. यहां एयर कंडीशन टारगेटेड टेंपरेचर मैनेजमेंट यूनिट बनाया गया है, जिसे दो भागों में बांटा गया है.
उन्होंने बताया कि इस यूनिट से जानवरों के साथ ही डॉक्टरों को भी राहत मिलेगी क्योंकि इससे पहले इलाज करने की ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी. जरूरत के मुताबिक ही जानवरों को यूनिट में शिफ्ट किया जाएगा. जानवरों को सामान्य तापमान में लाकर ट्रीटमेंट करना होता है लेकिन ऐसा ज्यादातर संभव नहीं हो पाता था. कुछ केस ऐसे होते थे, जहां जानवरों का टेंपरेचर कभी हाई तो कभी लो होता था. लिहाजा अब ओपीडी से इस तरीके के केस को इस यूनिट में शिफ्ट कर दिया जाता है.
यूनिट में लगाए गए महंगे उपकरण
प्रोफेसर गुप्ता ने आगे बताया कि यह एक तरह का आईसीयू का रूप ही है. इस यूनिट में गर्मी को लेकर यदि किसी जानवर का तापमान बड़ा हुआ है, तब इसके लिए कुछ मैट्स उपलब्ध हैं. इन्हें ठंडा कर दिया जाए, तब जानवर 5 से 6 घंटे तक ठंडे रहते हैं. इसमें बिजली की जरूरत नहीं होती है. यूनिट में टेंपरेचर को नियंत्रित करने के लिए एसी भी लगाए गए हैं. इसके अलावा कई औषधीय दवाई और टेक्निकल मशीन उपलब्ध हैं.
स्पेशल यूनिट का चार्ज 500 रुपये
उन्होंने बताया कि वेटनरी परिसर में ओपीडी में 100 रुपये चार्ज लिया जाता है. यदि जानवर को विशेष यूनिट की जरूरत है, तब इस यूनिट में जानवरों को शिफ्ट कर दिया जाता है. यूनिवर्सिटी की तरफ से इसके लिए 500 रुपये निर्धारित किए गए हैं. यह इलाज पांच दिनों तक लगातार कराया जा सकता है. वहीं निर्धन वर्ग के व्यक्ति के जानवरों के लिए इसे नि:शुल्क रखा गया है.