रायपुर में पकड़ाए बांग्लादेशी दंपती का रीवा कनेक्शन: फर्जी मार्कशीट की जांच करने आ सकती है छत्तीसगढ़ पुलिस ; रीवा एसपी बोले-ऑफिशियल जानकारी का इंतजार – Rewa News

रायपुर में पकड़ाए बांग्लादेशी दंपती का रीवा कनेक्शन:  फर्जी मार्कशीट की जांच करने आ सकती है छत्तीसगढ़ पुलिस ; रीवा एसपी बोले-ऑफिशियल जानकारी का इंतजार – Rewa News


छत्तीसगढ़ के रायपुर में पकड़े गए बांग्लादेशी दंपती का रीवा कनेक्शन निकल कर सामने आया है। जहां छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस बांग्लादेशी घुसपैठियों की कुंडली खंगालने में लगी हुई है। जांच में पुलिस को पता लगा है कि बांग्लादेशी घुसपैठ दंपती की फर्जी मार्कशी

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इस पूरे मामले में रीवा एसपी विवेक सिंह ने कहा अभी इस मामले को लेकर कुछ सूत्रों से यही जानकारी मिली है कि कुछ बांग्लादेशी घुसपैठ छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने पकड़े हैं। जिनकी जाली मार्कशीट रीवा के त्योंथर से संबंधित किसी स्कूल की बताई गई है।

हमें अभी इस संबंध में कोई ऑफिशियल जानकारी शेयर नहीं की गई है। इस संबंध में रायपुर पुलिस को हमारी जो भी मदद आवश्यक होगी। हम वो पूरी मदद करेंगे। खुद भी हम इस दिशा में पड़ताल करेंगे।

रायपुर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया

अब जानिए क्या है पूरा मामला रायपुर के टिकरापारा इलाके में सरकारी कार्यालय के पास अंडा ठेला लगाने वाला व्यक्ति (दिलावर खान) बांग्लादेशी नागरिक है। टिकरापारा पुलिस को 13 जून को यह जानकारी मिली थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिलावर खान की जानकारी जुटाई और टिकरापारा के धर्मनगर इलाके में स्थित उसके किराए के मकान में दबिश दी।

दिलावर खान के घर से पुलिस ने उसकी पत्नी परवीन बेगम और उसकी नाबालिग बेटी को हिरासत में लिया। दिलावर खान का बेटा मलेशिया में है और उसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। पुलिस की पूछताछ में दिलावर खान ने 16 साल पहले पत्नी परवीन और एक साल के बेटे के साथ रायपुर आने की बात स्वीकारी है। हालांकि उनकी बेटी छत्तीसगढ़ में हुई है।

बांग्लादेश के मुंशीगंज से 16 साल पहले बॉर्डर पार कर एक शख्स रायपुर पहुंचता है। इसके बाद एक साल में ही अपनी पत्नी को भी अवैध तरीके से बॉर्डर पार करवाते हुए ले आता है। इतना ही नहीं उसने एक फेक मार्कशीट भी बनवाई।

इसी फेक मार्कशीट से अब पासपोर्ट जैसे अहम दस्तावेज भी बन गए। आरोपी का नाम मो. दिलावर खान है। रायपुर पुलिस ने दिलावर और उसके परिवार के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

छत्तीसगढ़ के रायपुर के इसी मकान में दोनों रहते थे

छत्तीसगढ़ के रायपुर के इसी मकान में दोनों रहते थे

दिलावर खान और उसके परिवार के अलावा छत्तीसगढ़ में एक दर्जन से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। ये गिरफ्तारी रायपुर के अलावा दुर्ग और रायगढ़ जिले में हुई है। जितने भी बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार हुए, वे सभी लंबे समय से छत्तीसगढ़ में रह रहे हैं।

इन बांग्लादेशी नागरिकों में से कुछ छत्तीसगढ़ में रहने के दौरान 4-5 बार बांग्लादेश होकर आए हैं। इसके अलावा फोन और ऐप के माध्यम से लगातार संपर्क में रहे हैं। पुलिस की जांच में ये सब बात सामने आई है। हर बार पुलिस या एटीएस ने अपने स्तर पर बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई की है।

दिलावर खान और उसके परिवार का फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करने वाले मददगारों की कुंडली पुलिस निकाल रही है। दिलावर के यहां काम करने वाले कर्मचारी के अलावा मकान मालिक और दस्तावेज बनाने के लिए अनुशंसा पत्र देने वालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस ने दिलावर खान के घर से कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों की हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से जांच करवाई है। केस की जांच कर रहे अफसरों का कहना है, कि आने वाले दिनों में दिलावर खान के सभी मकान मालिकों और उसके मददगारों पर भी कार्रवाई की जाएगी। दिलावर छत्तीसगढ़ में अब तक 4 किराए के मकानों में रह चुका है।

फर्जी दस्तावेज से फर्जी डॉक्युमेंट्स बनवाएं

फर्जी दस्तावेज से फर्जी डॉक्युमेंट्स बनवाएं

फर्जी दस्तावेज कैसे बनाए? रायपुर पुलिस के मुताबिक दिलावर खान को फर्जी मार्कशीट बनाने में मदद उसके ठेले में काम करने वाले एक कर्मचारी ने की। कर्मचारी ने मार्कशीट बनाने के बदले 1000 रुपए लिए और रीवा जाने के लिए किराया मांगा। दिलावर ने उस कर्मचारी को 1 हजार रुपए दिए। कर्मचारी ने उसे कुछ दिनों बाद मार्कशीट बनाकर दे दी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये मार्कशीट मध्यप्रदेश के रीवा जिले के त्योंथर तहसील के एक माध्यमिक विद्यालय की थी।

मार्कशीट और किरायानामा के आधार पर दिलावर ने पेन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाया। अपने दस्तावेज बनाने के बाद दिलावर ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के दस्तावेज बनवाए। दिलावर के यहां काम करने वाले कर्मचारी के नाम का खुलासा अभी पुलिस ने नहीं किया है।



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