खंडवा में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष और एसडीएम के बीच कहासुनी हो गई। इसका वीडियो सामने आया है, नेता एसडीएम के लिए कह रहा है कि आप एक-एक केस में 10-10 लाख रुपए लेते हो। आपके दल्ले (एजेंट) पूरे शहर में घूमते हैं।
.
इस पर एसडीएम ने पास खड़े सीएसपी से कहा कि इसे उठाइए। पुलिसकर्मियों ने नेता को हिरासत में लेने की कोशिश की।
दरअसल प्रशासन की टीम शुक्रवार को निर्माण को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर और एसडीएम बजरंग बहादुर के बीच कहासुनी हो गई। नगर निगम ने बगैर अनुमति निर्माण बताते हुए कल्लनगंज में एक मकान को जेसीबी मशीन से तोड़ दिया। इसी दौरान यह कहासुनी हुई।
नेता प्रतिपक्ष ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने एसडीएम पर आरोप लगाए कार्रवाई के दौरान कांग्रेस नेता और अफसरों के बीच जमकर बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने एसडीएम बजरंग बहादुर पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि आप हर केस में पैसे लेते हो, आपके दल्ले कब्जा हटाने के लिए लोगों से आपके नाम की सुपारी ले रहे हैं। 10-10 लाख रुपए मांगते हैं।
151 में कार्रवाई के दौरान भी लोगों से वसूली होती हैं। बगैर पैसे दिए कोई काम नहीं होता हैं। मेरे पास रिकॉर्ड हैं, 100 लोगों को खड़ा कर सकता हूं। इस पर एसडीएम ने जवाब देते हुए कहा कि, नेता प्रतिपक्ष बन गए हो तो क्या कुछ भी बोलने का लाइसेंस मिल गया हैं। सबूत हैं तो मुझे ट्रेप करवा दो।
एसडीएम को हटा चुके पूर्व कलेक्टर, अब फिर एक्शन होगा एसडीएम बजरंग बहादुर के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें भाजपा नेता भी करते आए हैं। पूर्व कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने बजरंग बहादुर को हटा दिया था। उनकी जगह संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला को चार्ज लेने के आदेश दिए थे। इसी बीच कलेक्टर सिंह का तबादला हो गया और मामला शांत हो गया।
वर्तमान कलेक्टर ऋषव गुप्ता से भी कुछ राजस्व प्रकरणों में शिकायत हुई हैं। एक आदिवासी की जमीन बिक्री मामले में कलेक्टर गुप्ता ने बजरंग बहादुर को नोटिस दिया था।
बीजेपी नेता के समर्थन में काम का आरोप घटनाक्रम के बाद नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर का कहना हैं कि मैं एसडीएम पर लगाए गए आरोपों पर कायम हूं। जो जमीन बीजेपी के नेता खरीद रहे हैं, सिर्फ उन जमीनों से कब्जा या अतिक्रमण हटाया जा रहा हैं। पूरा प्रशासन मिलकर कार्रवाई कर रहा है। जबकि शहर में 250 से ज्यादा अवैध बेसमेंट बने हुए हैं, उन पर आज तक कार्रवाई नहीं की गई। एसडीएम ने मुझे जेल भेजने की धमकी दी, उन्हें जो करना है वो करें, मैं डरने वाला नहीं हूं।
इधर जब इस मामले में एसडीएम बजरंग बहादुर से पक्ष जानने की कोशिश की। उन्होंने इस संबंध में कुछ भी कहने से मना कर दिया।