Khargone News: मध्य प्रदेश में खरगोन के लोग गायक हरिराम पटेल ने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर एक जोशीला भक्ति गीत तैयार किया है. इस गीत के जरिए उन्होंने न सिर्फ सेना का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि पाकिस्तान को भी सीधी चेतावनी दी है. गीत में देशभक्ति और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. इस गीत को शुक्रवार को लॉन्च किया गया है.
बरेली और दिल्ली के साथियों की मदद
जिला मुख्यालय से करीब 18 km दूर छोटी ऊन गांव में रहने वाले 45 वर्षीय हरीराम पटेल ने Local18 से खास बातचीत में बताया कि इस गीत को बनाने में लगभग डेढ़ महीना लगा. शुरुआत में 4 से 5 अंतरे लिखें और धुन दिया. लेकिन, फिर बरेली के मंगल रत्नेश ने इसमें संशोधन किया, थोड़ा बॉलीवुड से मिलता जुलता धुन दी. बरेली के ही धीरज सक्सेना ने गीत लिखा है. वीडियोग्राफी दिल्ली और खरगोन में हुई.
हरिराम ने कहा कि इस भजन को बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य सेना का मनोबल बढ़ाना है, लोगों में देश प्रेम जगाना है और पाकिस्तान तक आवाज पहुंचना है, ताकि वह यह जान ले कि अब भारत पहले का भारत नहीं रहा. प्रभु श्रीराम के वंशज हैं. घर में घुसके मारते हैं. पाकिस्तान को चेताया है कि अब अपनी हरकतों से बाज आ जाए. बॉर्डर पर सेना के जवानों पर आम नागरिकों पर हमला करने की कायराना हरकते बंद कर ले.
खाटू श्याम से मिली प्रेरणा
गौरतलब है कि, हरिराम पटेल पेशे से एक किसान हैं और दवा-बीज की दुकान चलाते हैं. 4-5 साल पहले खाटू श्याम के प्रति आस्था बढ़ी तो गांव-गांव जाकर फ्री में कीर्तन शुरू किए. फिर खुद के गीत लिखना और गाना भी शुरू किया. पहला गीत खाटू श्याम का ही था. इसके बाद उन्होंने कई सारे लोक गीतों की रचना की और उन्हें गीत की माला में पिरोया. गांव-गांव में खाटू श्याम के कीर्तन भी करते हैं, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं लेते.
40 से ज्यादा गीत लिखे ओर गाए
अब तक 40 से ज्यादा गीत लिख और गा चुके हैं, जिनमें नर्मदा, गणगौर, खाटू श्याम और महाकाल जैसे भक्तिगीत शामिल हैं. खास बात यह है कि उनके पांच गीत टी-सीरीज जैसे बड़े म्यूजिक लेबल पर भी रिलीज हो चुके हैं. उन्होंने निमाड़ी, हिंदी और मारवाड़ी भाषाओं में गीत गाए है. निमाड़ की व्याख्या पर भी गीत ” घणों प्यारो प्यारो लागे रे, म्हारो यो निमाड़”, कालों के काल महाकाल पर गीत “ओ महाकाल मुझसे रूठना नहीं, उज्जैन नगरी जब भी आऊ, दिल से तेरा दर्शन पाऊं”, जैसे कई गीत गाए है.