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Agriculture Tips: किसान अब ओपन फील्ड की जगह शेडनेट हाउस में नर्सरी लगाएं. उद्यानिकी विभाग की वेबसाइट या कार्यालय से करें पंजीयन और उठाएं संरक्षित खेती का लाभ..
हाइलाइट्स
- किसानों को शेडनेट हाउस पर 50% अनुदान मिलेगा
- उद्यानिकी विभाग की वेबसाइट से पंजीयन करें
- शेडनेट हाउस में पौधे अधिक मजबूत और सेहतमंद होते हैं
Satna News: अगर आप किसान हैं और खुद की नर्सरी या हाई-क्वालिटी पौधे तैयार करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. ओपन फील्ड की तुलना में शेडनेट हाउस में तैयार किए गए पौधे अधिक मजबूत और सेहतमंद होते हैं. यही कारण है कि सतना जिले के कई प्रगतिशील किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर संरक्षित खेती की ओर रुख कर रहे हैं.
सोहावल विकासखंड की वरिष्ठ उद्यानिकी अधिकारी सुधा पटेल ने लोकल 18 को बताया कि शेडनेट हाउस भले ही पूरी तरह से कंट्रोल्ड एनवायर्नमेंट न देता हो, लेकिन यह पौधों को अत्यधिक धूप, बारिश और तेज हवाओं से जरूर बचाता है. इससे न सिर्फ पौधे स्वस्थ रहते हैं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता भी बढ़ती है.
लागत और अनुदान
शेडनेट हाउस की निर्माण लागत करीब 710 रुपये प्रति वर्ग मीटर आती है. किसान इसे 1000 वर्ग मीटर से लेकर 2000 वर्ग मीटर तक बना सकते हैं. खास बात ये कि सरकार इस संरचना के निर्माण में 50% तक का अनुदान दे रही है. इससे किसानों की जेब पर बोझ कम होता है और वे आधुनिक तकनीक से खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
जो किसान शेडनेट हाउस लगाकर संरक्षित खेती करना चाहते हैं, वे उद्यानिकी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. पंजीयन करते समय संरक्षित खेती विकल्प में शेडनेट हाउस को सेलेक्ट करना होगा. इसके अलावा किसान अपने नजदीकी उद्यानिकी विभाग कार्यालय जाकर भी आवेदन कर सकते हैं.
सतना के किसानों की बदलती तस्वीर
सतना के नागौद के किसान इस योजना का लाभ उठाकर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं और अपने फील्ड में कुकुम्बर उगा रहे है. रामपुर के दो किसानों ने शेडनेट में नर्सरी लगाकर स्थानीय स्तर पर पौधों की सप्लाई शुरू कर दी है. सरकार की यह योजना सिर्फ एक अनुदान नहीं बल्कि किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है.