रतलाम शहर में पहली बार राज्य स्तरीय रीजनल इंडस्ट्रीज, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राइज) कॉन्क्लेव 27 जून को होने जा रही है। इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी है। नेहरु स्टेडियम में यह कॉन्क्लेव होगी।
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रतलाम शहर विधायक और प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने रविवार शाम राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव को लेकर मीडिया को जानकारी दी। मंत्री काश्यप ने बताया कि यह कॉन्क्लेव रतलाम शहर समेत प्रदेश की दिशा को बदलने का एक बड़ा कदम होगा। इसका नाम रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लायमेंट कॉन्क्लेव (राइज) है। यह कॉन्क्लेव केवल औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं रहेगी।
मंत्री काश्यप ने कहा कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने 2025 के वर्ष को उद्योग व रोजगार वर्ष घोषित किया है। प्रदेश में पहले 6 कॉन्क्लेव हो चुके हैं। यह सभी उद्योगों पर आधारित थे। रतलाम का कॉन्क्लेव यह पूरा नया प्रयोग है। इसमें स्किल डेव्हलपमेंट, एम्प्लायमेंट जेनरेशन, सेल्फ एम्प्लॉयमेंट को भी शामिल किया है। इंडस्ट्रीलाइजेशन के माध्यम से औद्योगिकरण के माध्यम से सेल्फ एम्प्लायमेंट को बढ़ाया जाएगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, कलेक्टर राजेश बाथम व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मीडिया को जानकारी देते मंत्री चेतन्य काश्यप।
500 युवाओं को देंगे ऑफर लेटर मंत्री काश्यप ने बताया कि कॉन्क्लेव में सीएम के हाथों 500 युवाओं को रोजगार के ऑफर लेटर दिए जाएंगे। बैंकों के माध्यम से अप्रैल से लेकर अब तक जो लोन स्वीकृत किए हैं उन्हें उस राशि का वितरण भी किया जाएगा। औद्योगिकरण को लेकर एमएसएमई विभाग के माध्यम से 400 से ऊपर भूमि के प्लाट आवंटन किए हैं। उन्हें आवंटन लेटर दिए जाएंगे। 400 से ज्यादा मध्यम लघु उद्योगों को भूमि आवंटन पत्र दिए जाएंगे।
मंत्री काश्यप ने बताया कॉन्क्लेव में उद्योगों व रोजगार से जुड़े विशेषज्ञों के सत्र रहेंगे। विभिन्न विषयों पर अगले भविष्य के लिए हमें कौन से उद्योग में आगे आना चाहिए। वर्तमान समय में किस तकनीक का उपयोग करना है, बताया जाएगा। केंद्र सरकार की दो से तीन योजनाएं से जुड़े एक्सपर्ट भी आएंगे। सीएम डॉ. यादव के साथ निवेशकों की वन टू वन बैठक भी होंगी। एक्जिबिशन के माध्यम से स्टार्टअप नवाचार, जीआई और ओडीओपी उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
दिनभर अलग-अलग सत्र होंगे एमपीआईडीसी के डायरेक्टर राजेश राठौड ने कॉन्क्लेव की रूपरेखा प्रोजेक्टर के माध्यम से बताई। राठौड़ ने कहा कि कार्यक्रम में दिनभर अलग-अलग सत्र रहेंगे। आगामी भविष्य में कौन से उद्योग होना चाहिए। वर्तमान उद्योग को आगे कैसे बढ़ाया जाए, इसके लिए केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़े एक्सपर्ट भी आएंगे। कॉन्क्लेव में इंदौर-उज्जैन संभाग के 3500 से अधिक प्रतिभागियों के आने की संभावना है।