उच्च शिक्षा विभाग की बैठक को संबोधित करते मंत्री इंदर सिंह परमार।
मुख्य विषय या ऐच्छिक विषय को छोड़कर किसी अन्य विषय में मास्टर डिग्री करने वाले स्टूडेंट की पात्रता का निर्धारण विश्वविद्यालय द्वारा साक्षात्कार से किया जाएगा। विद्यार्थियों को स्नातक स्तर के प्राप्तांकों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
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यह निर्णय उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा विभाग की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शीर्ष समिति की बैठक में लिया है।
इस बैठक में स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों, स्नातक स्तर पर संचालित कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश तथा अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) के संबंध में फैसले लिए गए।
तय किया गया है कि आगामी सत्र से बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राज्य स्तर पर होने वाली PAT परीक्षा, CUET-UG या विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया जा सकेगा।
इस दौरान मंत्री परमार को उच्च शिक्षा विभाग के अफसरों ने महाविद्यालयों में लागू पाठ्यक्रमों और विद्यार्थियों के पंजीयन की भी जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े, अध्यक्ष प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति डॉ. रविंद्र कान्हेरे, कुलगुरु एवं शीर्ष समिति के सदस्य सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।