नई दिल्ली. मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने एक महीने में 24.5 लाख से ज्यादा गाड़ियों की सर्विसिंग करके इतिहास रच दिया है, जो कंपनी के इतिहास में सबसे ज्यादा है. यह रिकॉर्ड मई 2025 में हासिल किया गया, जिसमें पेड, फ्री सर्विस और रिपेयर शामिल हैं. यह उपलब्धि कंपनी के देशभर में फैले 5,400 से ज्यादा सर्विस टचपॉइंट्स के नेटवर्क के जरिए पॉसिबल हो पाई. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, हिसाशी ताकेउची ने बताया कि यह माइलस्टोन कंपनी के सर्विस नेटवर्क की कपैसिटी के साथ 35,000 से ज्यादा सर्विस स्टाफ और डीलर पार्टनर्स की मेहनत को दर्शाता है.
इस माइल स्टोन पर टिप्पणी करते हुए, हिसाशी ताकेउची ने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो हमारे सर्विस नेटवर्क के पैमाने और क्षमता को उजागर करती है. यह हमारे टीमों और डीलर पार्टनर्स की कड़ी मेहनत का प्रमाण है जो देशभर में लगातार उच्च स्तर की सेवा सुनिश्चित करते हैं.”
कस्टमर फर्स्ट पॉलिसी
मारुति सुजुकी की सर्विस रणनीति कस्टमर फर्स्ट पॉलिसी और टेकनिकल इनोवेशन पर आधारित है. सालों से, कंपनी ने ट्रडिशनल वर्कशॉप से लेकर मोबाइल वैन और ऑन-रोड क्विक रिस्पांस टीम (QRT) जैसे अलग अलग सर्विस फॉर्मेट्स पेश किए हैं, जो हर प्रकार की कस्टमर नीड्स को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं. ये फॉर्मेट खास तौर से इमरजेंसी सिचुएशन और नैचुरल डिजास्टर के दौरान मूल्यवान साबित हुए हैं.
अपने सर्विस इकोसिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए, मारुति सुजुकी ने एआई-ड्रिवन चैटबॉट्स और वॉयस बॉट्स को शामिल किया है ताकि ग्राहकों की सहायता की जा सके, जबकि सर्विस कर्मियों के नियमित अपस्किलिंग में निवेश किया जा रहा है, जिसमें तकनीकी ज्ञान और सॉफ्ट स्किल्स दोनों शामिल हैं.
बढ़ेगी सर्विस टचपॉइंट्स की संख्या
आगे देखते हुए, कंपनी का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2030-31 तक अपने सर्विस टचपॉइंट्स को 8,000 तक बढ़ाने का है. कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक वाहन (EV), ई विटारा, जल्द ही लॉन्च होने वाली है, मारुति सुजुकी 1,000 से ज्यादा शहरों में 1,500 EV-रेडी सर्विस वर्कशॉप्स तैयार कर रही है. ये वर्कशॉप्स विशेष रूप से प्रशिक्षित स्टाफ और उपकरणों से लैस होंगी ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके.