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Vinayak Chaturthi 2025: विनायक चतुर्थी का पर्व प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित है. इस दिन लोग घर की खुशहाली और उन्नति के लिए व्रत-उपासना करते हैं. इस बार यह तिथि और खास होने जा रही है, जानें क्यों
हाइलाइट्स
- विनायक चतुर्थी पर गणपति पूजन से दूर होंगे कष्ट
- विनायक चतुर्थी दो शुभ योग में, जानें पूजा विधि
- सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी
कहते हैं कि विनायक चतुर्थी पर गणपति पूजन से जीवन के सारे कष्टों का निवारण हो जाता है. घर में सुख-संपन्नता बनी रहती है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार इस बार आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी खास होने वाली है क्योंकि इस चतुर्थी पर दो शुभ योग का निर्माण हो रहा है.
इस साल 28 जून 2025 शनिवार को आषाढ़ विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन पहला सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. मान्यता कि यह योग सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है. इस योग में की गई पूजा-अर्चना और शुभ कार्य अवश्य सफल होते हैं. साथ ही दूसरा शुभ योग अमृत सिद्धि योग बनने जा रहा है. यह योग भी अत्यंत शुभ माना जाता है और इसमें किए गए कार्य दीर्घकाल तक शुभ फल प्रदान करते हैं.
विनायक चतुर्थी का महत्व
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि के दाता के रूप में पूजा जाता है. विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और सच्चे मन से गणपति बप्पा की आराधना करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता का संचार होता है.