उमरिया में आदिवासी कांग्रेस ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कई जिलों में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों का विरोध किया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर दर्ज झूठी एफआईआर के विरो
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खातेगांव में बरसात के मौसम में आदिवासी परिवारों को बेदखल किया गया। बुरहानपुर में आदिवासी वर्ग के पट्टे निरस्त कर बंद भूमि से निकाला गया। सिंगरौली में आदिवासियों के घरों को तोड़ा गया। मंडला में नक्सलवाद के नाम पर निर्दोष आदिवासियों की हत्या की गई। डिंडौरी के उमरिया में वन विभाग ने बरसात में आदिवासियों के घर तोड़कर उन्हें बेघर कर दिया।
प्रेसवार्ता करते कांग्रेस जिला अध्यक्ष अजय सिंह।
मुंगावली घटना का विरोध
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि 27 जून को मुंगावली थाने में पटवारी पर एफआईआर दर्ज की गई। 25 जून को अशोकनगर के दो पीड़ित भाई गजराज और रघुराज लोधी ने ओरछा दौरे पर पटवारी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि गांव के दबंग सरपंच पुत्र विकास और उसके साथियों ने उनसे मारपीट की और बाइक छीन ली। पटवारी ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए यह वीडियो सार्वजनिक किया था।
अजय सिंह ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने पीड़ितों को धमकाकर शपथ पत्र दिलवाया। उन्होंने एफआईआर निरस्त करने के साथ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक अशोकनगर की भूमिका की न्यायिक जांच की मांग की है। साथ ही दबंग सरपंच पुत्र और उसके साथियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।