बेंगलुरु भगदड़ केस में सस्पेंड सीनियर IPS बहाल: ट्रिब्यूनल बोला- पुलिस भगवान या जादूगर नहीं, जो कम समय में इतनी भीड़ कंट्रोल कर सके

बेंगलुरु भगदड़ केस में सस्पेंड सीनियर IPS बहाल:  ट्रिब्यूनल बोला- पुलिस भगवान या जादूगर नहीं, जो कम समय में इतनी भीड़ कंट्रोल कर सके


बेंगलुरु3 मिनट पहले

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बेंगलुरु में 4 जून को IPL विक्ट्री परेड के दौरान हुई भगदड़ की तस्वीरें।

बेंगलुरु भगदड़ की जांच कर रहे सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) ने मंगलवार को कहा कि हादसे के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) जिम्मेदार है। IPL ट्रॉफी जीतने के बाद RCB ने 4 जून को विक्ट्री परेड निकाली थी। इस दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी, इसमें 11 लोगों की जान गई थी और 75 लोग घायल हो गए थे।

CAT कहा कि पुलिस भगवान या कोई जादूगर नहीं है। पुलिस को व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जाता तो उससे भारी भीड़ को नियंत्रित करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। RCB ने विक्ट्री परेड से पहले पुलिस से परमिशन नहीं ली। अचानक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी पोस्ट, जिसके चलते भीड़ इकट्ठा हो गई। 5 लाख लोगों की भीड़ इकट्ठा करने के लिए फ्रेंचाइजी ही जिम्मेदार है।”

ट्रिब्यूनल ने कहा कि राज्य विधानसभा परिसर में भी एक कार्यक्रम रखा गया था, जहां पुलिस तैनात थी। ऐसे में पुलिस से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि 12 घंटे में सभी व्यवस्थाएं कर लेगी।

दरअसल, IPS अधिकारी विकाश कुमार ने भगदड़ के केस में अपने सस्पेंशन को चुनौती दी थी। इसके बाद CAT ने सरकार को नोटिस जारी किया और राज्य सरकार से जवाब मांगा था। मंगलवार को ट्रिब्यूनल ने विकास का निलंबन रद्द कर दिया।

ट्रिब्यूनल बोला- पुलिस के पास अलादीन का चिराग नहीं

अदालतों पर बोझ कम करने के लिए बनाया गया CAT

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) भारत सरकार के कर्मचारियों से जुड़े सेवा विवादों को हल करने के लिए बनाया गया है। इसका मकसद सरकारी कर्मचारियों के विवादों को तेज, कुशल और विशेषज्ञ तरीके से सुलझाना है, जिससे अदालतों पर बोझ कम हो।

ट्रिब्यूनल की देशभर में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु समेत कई बेंच हैं। CAT के निर्णयों के खिलाफ अपील सीधे हाईकोर्ट में की जा सकती है।

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