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Balaghat News: बालाघाट के वार्ड नंबर 33 यानी पॉलिटेक्निक कॉलेज इलाके में एक हफ्ते में कई बार वन्य प्राणी देखें गए हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि ये ठीक संकेत नहीं हैं…
हाइलाइट्स
- बालाघाट में वन्य प्राणियों का दिखना आम हो गया है
- पॉलिटेक्निक कॉलेज इलाके में वन्य प्राणियों का आतंक
- महिला को चीतल की दौड़ में चोटें आईं
Balaghat News: मध्य प्रदेश का बालाघाट जिला वनों के लिए जाना जाता है. यहां पर करीब 53 प्रतिशत भूभाग पर वन है. ऐसे में यहां पर वन्य प्राणियों का होना भी स्वाभाविक है. बालाघाट के मिश्रित वनों में चीतल, सांभर, हिरण, बारहसिंगा सहित कई शाकाहारी वन्य प्राणी हैं. इनके अलावा बाघ, तेंदु, और और कई तरह के मांसाहारी प्राणी भी हैं. ये वन्य प्राणी वनों की शोभा तो बढ़ा रहे हैं.
बालाघाट के पॉलिटेक्निक चौराहे में दिखा चीतल
बालाघाट के वार्ड नंबर 33 यानी पॉलिटेक्निक कॉलेज इलाके में एक हफ्ते में कई बार वन्य प्राणी देखें गए हैं. इसमें कुछ के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है. लेकिन, लोगों के मन में खौफ है कि कोई वन्य प्राणी अचानक सामने न आ जाए.
हाल ही में एक चीतल दिखा. जिसे देखने के लिए लोग अपने घरों से बाहर आए. इस दौरान शीतल पर कुत्तों ने हमला कर दिया. वहीं, शहर की गाय भी डर गई. इसके बाद चीतल के पीछे भाग रहा पशुओं का रेल महिला के ऊपर से गुजर गया. ऐसे में महिला के शरीर पर चोटें आईं. स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी. लेकिन, वन विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई. कुछ समय इंतजार करने के बाद मौका मिलते ही चीतल जंगल की ओर भाग गया. इस घटना के बाद से मोहल्ले में डर का माहौल है.
लोगों में डर का माहौल
महिला को चोट लगने के बाद से लोगों में डर का माहौल है. उनका कहना है की छोटे बच्चे सड़क पर खेलते रहते हैं. ऐसे में वन्य प्राणी वहां आ जाएं तो समस्या हो सकती है. वन विभाग को सतर्कता बरतनी चाहिए जिससे वन्य प्राणी रिहायशी इलाकों में ना आ सके.
जंगल से सटा इलाका
बता दें कि बालाघाट का पॉलिटेक्निक कॉलेज का इलाका जंगल से सटा हुआ है. यहां डेंजर रोड के आसपास घना जंगल है वहीं दूसरी तरफ वेनगंगा नदी बहती है. ऐसे में वन्य प्राणियों की बढ़ती आबादी और घटना जंगल इस घटना का प्रमुख कारण है. वहीं, बालाघाट शहर दिन-ब-दिन फैलता जा रहा है. वहीं, एक्सपर्ट का कहना है की वन्य प्राणी जब इलाके में आएं तो लोग अपने घरों में चल जाएं.