मौत के बाद भी पत्नी से रुपए मांगते रहे ठग: 80 घंटे इतना प्रताड़ित किया कि बुजुर्ग ने खुद को मारी गोली, भास्कर के हाथ लगे ऑडियो–वीडियो – Rewa News

मौत के बाद भी पत्नी से रुपए मांगते रहे ठग:  80 घंटे इतना प्रताड़ित किया कि बुजुर्ग ने खुद को मारी गोली, भास्कर के हाथ लगे ऑडियो–वीडियो – Rewa News


रीवा में 65 साल के बुजुर्ग जालसाजों के चंगुल में ऐसे फंसे की उन्हें सुसाइड करना पड़ा। ठगों ने पुराने सिक्के और नोट सहेजने वाली संस्था के सदस्य बनकर फोन किया। 65 लाख प्राइज मनी जीतने का लालच दिया। जालसाजों ने चैट, ऑडियो और वीडियो तक बुजुर्ग को भेजे। टै

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दैनिक भास्कर ने पड़ताल की तो चौंकाने वाले जालसाजों के चैट, ऑडियो और वीडियो हाथ लगे। इससे पता चला कि 80 घंटे तक बुजुर्ग के साथ क्या-क्या हुआ, पढ़िए रिपोर्ट…

पहले वीडियो में समझिए कैसे किया खेल…

बुजुर्ग सरोज दुबे को फंसाने के लिए वीडियो में पूरी प्रोसेस बताई गई थी। साथ ही नोट बताए गए।

बुजुर्ग के ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर करने के बाद बताया गया कि आपके रुपए गिने जा रहे हैं।

बुजुर्ग के ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर करने के बाद बताया गया कि आपके रुपए गिने जा रहे हैं।

नोटों की पैकिंग दिखाई गई और बोला गया कि अंतिम किश्त डालते ही यह रुपए आपके हो जाएंगे।

नोटों की पैकिंग दिखाई गई और बोला गया कि अंतिम किश्त डालते ही यह रुपए आपके हो जाएंगे।

1 जुलाई…पुराने नोट और सिक्के हो तो किस्मत आजमा सकते हैं

सुबह करीब 9 बजे बुजुर्ग सरोज दुबे के फोन पर अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वह इंडियन ओल्ड कॉइन सेल कंपनी से बात कर रहा है। यह एक सरकारी संस्था है, जो पुराने नोट और सिक्के खरीदकर सजेहने का काम करती है। इसके लिए मोटी प्राइज मनी भी मिलती है।

आपके पास यदि पुराने नोट और सिक्के हैं तो आप भी अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। आपको बस इतना करना है कि हमारे इस नंबर पर पुराने नोट और सिक्कों के फोटो हमें भेजना है। यदि आपके सिक्के और नोट हमारे मानक के अनुसार होंगे तो हमारी टीम आपसे संपर्क करेगी और खुद 24 से 48 घंटे के भीतर आपके घर पहुंचकर उन्हें कलेक्ट करेगी।

बुजुर्ग को 65 लाख का लालच दिया गया और उसका एक सर्टिफिकेट भी भेजा गया।

बुजुर्ग को 65 लाख का लालच दिया गया और उसका एक सर्टिफिकेट भी भेजा गया।

रुपए जमा करने स्कैनर भेजा

बुजुर्ग को यकीन दिलाने के लिए वॉट्सऐप पर एक पुलिस अधिकारी की फोटो वाला पोस्टर भेज दिया। झांसे में आने के बाद पुराने एक और पांच के नोट, सिक्के और कुछ दूसरे नोट इकट्ठे कर लिए। उन्होंने सिक्कों को प्लेट पर और नोटों को बिस्तर पर सजाया, फिर फोटो क्लिक कर उस नंबर पर भेज दिया।

कुछ देर बाद ओके, का मैसेज आया और फिर एक ऑडियो भी ठग की ओर से भेजा गया। ऑडियो में ठग ने कहा- आपके पुरानी नोट और सिक्के आगे की प्रक्रिया के लिए अप्रूव हो गए हैं। आपको 520 रुपए जमा करने होंगे। इसमें से 20 रुपए चार्ज कट जाएगा, बाकी के 500 रुपए आपको रिफंड हो जाएंगे। ये रुपए आपकी प्राइज मनी के साथ हमारी टीम जब नोट, सिक्के लेने आएगी, तब वापस देगी।

उन्होंने रुपए जमा करने के लिए बुजुर्ग के नंबर पर एक स्कैनर भेजा। शब्बीर लिखे इस स्कैनर पर उन्होंने रुपए भेजने को कहा। 1 जुलाई को दोपहर करीब 1 बजे कियोस्क सेंटर पर पंकज कुमार सक्सेना के पास पहुंचकर बुजुर्ग ने पेमेंट बैंक के लिए 520 रुपए ट्रांसफर करवा दिए।

आरोपियों ने बुजुर्ग को यकीन दिलाने अपने आधार और ऑफिस का कार्ड भेजा।

आरोपियों ने बुजुर्ग को यकीन दिलाने अपने आधार और ऑफिस का कार्ड भेजा।

आरोपियों ने भेजे फोटो, आधार और पैन कार्ड

रुपए मिलने के कुछ देर बाद ठग फोटो, आधार कार्ड और पैन कार्ड भेजने को कहा। बुजुर्ग ने सारे डॉक्यूमेंट उन्हें भेज दिए। इसके बाद वाट्सऐप पर ही फोटो लगा एक सर्टिफिकेट आया। इसमें लिखा था कि आपने जो पुराने नोट और सिक्के भेजे हैं, उनके जरिए आप 65 लाख 75 हजार रुपए के हकदार बन गए हैं। यह पैसे 2 जुलाई को आप के घर पहुंचा दिए जाएंगे। दोपहर साढ़े 12 बजे पैसों की डिलीवरी हो जाएगी। ठग चैट के साथ ही ऑडियो रिकॉर्ड के जरिए बात कर रहे थे।

इतनी बड़ी रकम जानकर बुजुर्ग ने पूछा कि क्या भरोसा कि पैसे मिलेंगे और आप कहां और किस कंपनी से हो। इस पर ठग ने एक फर्जी आधार कार्ड और कथित ओल्ड कॉइन सेल डिपार्टमेंट का एक आईडी कार्ड भेज दिया। इसमें ठग का नाम विवेकानंद शुक्ला और पता रहीमाबाद गोरखपुर लिखा हुआ था।

बुजुर्ग को झांसे में लेने के लिए ठग लगातार बात करते रहे। उन्होंने कहा- बड़ी रकम है, आपको टैक्स और जीएसटी चुकाना होगा। हम आपको जोड़कर बताते हैं कि कितने रुपए देने होंगे। थोड़ी देर बाद उन्होंने वाट्सऐप पर बुजुर्ग को दो पोस्टर भेजे। इसमें जीएसटी चार्ज 17 हजार 500 रुपए और टैक्स अमाउंट 12 हजार 630 रुपए लिखा हुआ था। उन्होंने कहा-आप इसे जल्दी जमा करवा दीजिए, तो टीम आपके घर प्राइज मनी लेकर पहुंच जाएगी।

बुजुर्ग सरोज दुबे के पास पुराने 1, 2, 5 और दस रुपए के सिक्के व नोट थे।

बुजुर्ग सरोज दुबे के पास पुराने 1, 2, 5 और दस रुपए के सिक्के व नोट थे।

2 जुलाई…रुपए ट्रांसफर करवाने के बाद दबाव बनाया

सुबह बुजुर्ग के पास फिर से रुपए जमा करने के लिए कॉल आया। पैसे ट्रांसफर करने के लिए उन पर दोबारा दबाव बनाया गया। ठगों ने कहा कि अगर पैसे ट्रांसफर नहीं किए तो प्रक्रिया यहीं पर रोक दी जाएगी। बुजुर्ग ने कहा- उसी राशि से रुपए काट लीजिए। इस पर उन्होंने कहा- यह पाॅलिसी में नहीं है, आपको टैक्स और जीएसटी पहले जमा करना होगा। थोड़ी देर बाद ठग ने एक ऑडियो भेजा, जिसमें कहा- आपके पास एक सुनहरा अवसर है, हम पर भरोसा करो। भगवान सभी को जीवन में एक ही बार मौका देता है। बार बार मौका नहीं देता। हम ठग नहीं हैं,भले ही आजकल ठगी भी हो रही हो। लेकिन हम ईमानदारी से काम करते हैं।

इसके बाद बुजुर्ग ने एमपी ऑनलाइन पहुंचे 2 जुलाई को 6 बार में 37 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। उन्होंने यह रुपए उधार लेकर भेजे थे।

3 जुलाई…सिक्योरिटी मनी 10 हजार रुपए मांगी

सुबह बुजुर्ग प्राइज मनी घर आने का इंतजार कर रहे थे। इसी दाैरान ठगों ने फिर से उसने संपर्क किया। उन्होंने कहा- प्राइज मनी बड़ी होने से आपको सिक्योरिटी मनी के रूप में 10 हजार रुपए और जमा करने होंगे। बुजुर्ग ने मना किया तो वे फिर से उन्हें झांसे में लेने लगे। उन्होंने कहा- अगर प्रक्रिया पूरी नहीं की तो जमा रुपए भी रिफंड नहीं होंगे। वे लगातार रुपए जमा करने का दबाव बनाते रहे।

इसके एक वीडियो भेजा गया, जिसमें चार ठग मशीन से नोट गिनते हुए दिख रहे थे। बगल में एक बेड रखा था, जिसमें नोटों के बंडल बिछे हुए थे। इसके बाद बदमाशों ने पैसों से भरे बैग का एक वीडियो भेजा, जिसमें 500-500 के नोटों के बंडल थे। बैकग्राउंड में एक बदमाश कहता हुआ नजर आया कि यह सारे पैसे आपके हैं, जो तैयार किए जा रहे हैं। प्रक्रिया जल्दी पूरी करिए, नहीं तो जो है, उससे भी हाथ धो बैठेंगे।

थोड़ी देर बाद तीसरा वीडियो भेजा, जिसमें मशीन से बॉक्स निकलता हुआ नजर आया। ठग ने दावा किया गया कि इस बॉक्स में आपकी प्राइज मनी पैक हो रही है, जो आपके घर पहुंचेगी। उन्होंने चौथा वीडियो भेजा, जिसमें बॉक्स को टेप से चिपकाया जा रहा था। इसके बाद दो फोटो भेजे गए। एक फोटो में बॉक्स को गाड़ी में रखते हुए, जबकि दूसरे में सुरक्षाकर्मी बॉक्स को सुरक्षा घेरे में लेते हुए दिखे।

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से साइबर ठगों को भेजे गए रुपए।

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से साइबर ठगों को भेजे गए रुपए।

दोस्तों से पैसे लेकर उन्होंने ठगों को ट्रांसफर

बातों में आकर रिश्तेदारों और दोस्तों से पैसे लेकर उन्होंने ठगों को ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने 5 हजार रुपए की मांग कर दी। इसके बाद उन्होंने अपने दामाद को कॉल किया और बोले- रुपयों की जरूरत है, आप दे दो, नहीं ताे बड़ा नुकसान हो जाएगा। मैं जल्द रुपए वापस कर दूंगा। हालांकि पत्नी ने पहले ही दामाद को बता दिया था कि आपके ससुर जी कल से पता नहीं क्यों लोगों से रुपए उधार मांगकर किसी को भेज रहे हैं। लगता है वे कहीं फंस गए हैं। इस कारण दामाद ने रुपए नहीं दिए। इसके बाद उन्होंने बेटी को कॉल कर रुपए मांगे। बेटी को भी सूचना थी, इसलिए उसने भी मना कर दिया।

बुजुर्ग बेटी के घर पहुंचे तो उसने जालसाजों से सावधान रहने को भी कहा। पिता ने कहा- वे भले लोग हैं। मुझे दो करोड़ रुपए मिलने वाले हैं। नहीं देना है तो साफ मना कर दो, और वहां से निकल गए। बेटी के समझाने और ठगों के बार-बार रुपए मांगने के कारण बुजुर्ग को लगा कि वे जालसाजी में फंस गए हैं। उधर रुपए के लिए बार-बार ठगों के काॅल आने और उधार रुपए रुपए डूबने के कारण वे तनाव में आ गए। उन्होंने ठगों से रुपए वापस मांगे, गिड़गिड़ाए, लेकिन वे रुपए लौटाने की जगह, और मांग करते रहे। पड़ोस में ही पुराने घर पहुंचकर खुद को स्टोर रूम में बंद कर लिया। फोन भी उठना बंद कर दिया। परिजन उन्हें तलाशते रहे।

सरोज दुबे को हर प्रोसेस का लेटर जारी किया गया, ताकि उसे यकीन रहे।

सरोज दुबे को हर प्रोसेस का लेटर जारी किया गया, ताकि उसे यकीन रहे।

4 जुलाई…शाम 4 बजे दीवार से टिका मिला शव

अगले दिन भी परिजन उन्हें तलाशते रहे। शाम करीब 4 बजे वे बगल में ही बुजुर्ग के पुराने घर पर तलाशने पहुंचे। नया घर बनने के बाद पुराना सामान रखकर इस घर को बंद कर दिया गया था। बुजुर्ग की बंदूक भी इसी घर में रखी हुई थी। शाम करीब 4 बजे परिजनों ने दरवाजा को धक्का दिया तो उनके होश उड़ गए। बुजुर्ग का शव दीवार से टिका हुआ था। गोली लगने के कारण चेहरे का एक हिस्सा गायब था।

ऑडियो के अंश भी पढ़ लीजिए

बुजुर्ग को भेजे ऑडियो में ठग कह रहा है- सर आपने जाे नोट और क्वाइन भेजे हैं, उसका प्राइज जो निकला है, मैंने आपको मैसेज में डाल दिया है। आपको सेल करना है तो हमसे कांटेक्ट कर सकते हैं। इसकी प्रक्रिया ऐसी है सर… हमारी टीम 24 घंटे में आपके बताए पते पर आएगी। आपसे घर पहुंचकर टीम कैश में पेमेंट करेगी। इसके बाद क्वाइन और नोट आपसे लेगी। फोटो वाले ही नोट और क्वाइन होने चाहिए।

आपका एक एलओसी कार्ड बनेगा। इसके लिए आधार कार्ड और एक पासपोर्ट फोटो लगेगी। कार्ड की फीस 520 रुपए लगेंगे। एलओसी कार्ड बनने के बाद 500 रुपए वापस हो जाएंगे। 20 रुपए फीस कट जाएगी।

बहुत सी कंपनी दावा करती हैं कि आरबीएल पेमेंट लगेगा, हमारी कंपनी में ऐसा कुछ नहीं लगता। सिर्फ 520 रुपए ही लगेंगे। हम फ्राॅड नहीं हैं सर, बहुत से बंदे फ्रॉड कर रहे हैं। कोई आरबीएल के नाम पर 10 हजार मांगता है। कोई कुछ मांगता है। कोई कहता है कि आधा पेमेंट ऑनलाइन, आधा पेमेंट कैश देंगे। हमारा ऐसा नहीं है, यदि आपको नोट सेल करना है तो आप अच्छे वायर के पास आए हैं।

आपको मैं कंपनी का एकाउंट नंबर सेंड करता हूं, आप 520 रुपए भेज कर स्क्रीन शॉट हमें भेज दीजिए। सर दाम अच्छा है। भगवान एक बार मौका देता है, बार-बार नहीं देता। मौके का आप फायदा उठा लो। फोटो और आधार कार्ड की कॉपी भेज दीजिए।

मौत के बाद भी कॉल कर रुपए मांगते रहे ठग

मृतक की पत्नी निर्मला ने बताया कि हमारे पास एक ही मोबाइल है, हम दोनों इसका उपयोग करते थे। पति के पास जब ठगों का फोन आया, तब ही मैं मामले को समझ गई थी। मैंने पूरी बात की जानकारी अपने दामाद को दी। मुझे लगा कि वह किसी बड़े षड्यंत्र में फंस रहे हैं। यह आगे चलकर काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है।

वे फोन लेकर अकेले में चले जाते थे। मैंने मना किया कि बिना किसी परिचय ज्यादा बात किसी से मत करिए। इस बात पर उन्होंने कहा कि पगली तुझे नहीं मालूम 2 करोड़ रुपए मिलेंगे। बड़े बैंक अधिकारी और बड़े पुलिस अधिकारी से बात हुई है। तेरी और मेरी दोनों की जिंदगी बदल जाएगी। दोनों शानो-शौकत के साथ रहेंगे। फिर कभी कोई आर्थिक समस्या आड़े नहीं आएगी। मैं उन्हें बहुत मना करती रही, लेकिन वे मानने के लिए तैयार नहीं हुए, जिस बंदूक से गोली मारी वो मेरे तहसीलदार पिता की पुरानी बंदूक है, जो बाद में पति ने अपने नाम पर रजिस्टर्ड करवाई थी।

पत्नी निर्मला दुबे ने बताया कि पति की मौत के बाद भी ठग लगातार उन्हें कॉल कर रहे थे। मैंने कॉल उठाया तो मुझसे भी पैसों की डिमांड करने लगे। मैंने उनसे कहा कि अब तो शर्म करो तुम्हारी वजह से मेरी पति ने आत्महत्या कर ली। तुमने इतने सारे पैसे ठग लिए फिर भी नहीं मान रहे हो। अब अगर मुझे टॉर्चर कर पैसों की डिमांड की तो मैं भी आत्महत्या कर लूंगी। पत्नी ने कहा- मेरे पति को और मेरे परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए। तभी कलेजे को ठंडक मिल पाएगी।

ससुरजी को समझाया- पर वे मानने को तैयार नहीं थे

दामाद उमेश गुप्ता उर्फ गुड्डू ने बताया कि ससुर जी ने मुझे दोपहर 3 बजे फोन लगाया था। मुझसे कहा कि मुझे कुछ पैसों की जरूरत है। मैंने उनसे कारण जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि मुझे 2 करोड़ रुपए मिलने वाले हैं। मैंने उनकी बातों को सुनने के बाद उनसे कहा कि ये ठगी का मामला है। इन सबमें मत फंसिए। उन्होंने कहा कि नहीं बहुत बड़ी राशि है, जीवन सुधार जाएगा। वैसे भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जब बहुत समझाने पर भी वो नहीं समझे तो मैंने कहा कि जैसी आपकी मर्जी हो, वैसा करिए।

उन्होंने कहा कि फोन पे से पैसे ट्रांसफर कर दीजिए। मैंने कहा कि मैं पैसे नहीं दे पाऊंगा, क्योंकि मेरी गाड़ी की किश्त कटनी है। इसके बाद फिर उनसे मुलाकात नहीं हुई। अगले दिन जब वो कहीं नहीं दिखे तो उन्हें खोजना शुरू किया। अंत में ससुर जी के घर के बगल में ही मौजूद उस पुराने घर पर पहुंचे। जहां पर पुराना सामान रखा हुआ है। ससुर जी का शव वहां पड़ा हुआ था। बाद में पता चला कि उन्होंने लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली है। उनके सिर का एक हिस्सा तक उड़ गया था।

शुक्रवार को बुजुर्ग सरोज दुबे ने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया था।

शुक्रवार को बुजुर्ग सरोज दुबे ने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया था।

पिता को इतना प्रताड़ित किया कि वे मरने पर मजबूर हो गए

बेटी रश्मि ने कहा कि जिस तरह से पूरी वारदात हुई है। मेरे पिता को साइबर ठगों ने शिकार बनाया। उनका ब्रेनवाॅश करने की कोशिश हुई है। उन्होंने विश्वास में लिया और फिर उन्हें मानसिक रूप से इतना टॉर्चर कर दिया कि वो आत्महत्या करने को मजबूर हो गए। उन्हें इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उनके पास कोई चारा ही नहीं बचा। मेरी पिता की मौत का न्याय होना चाहिए। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए।

पुलिस बोली- ठगों ने बुजुर्ग को प्रलोभन देकर रुपए ट्रांसफर करवाए

एसपी विवेक सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में यह समझ आया कि ठगों ने बुजुर्ग को किसी चीज का प्रलोभन दिया है। संभवतः पुराने सिक्के और बदलने को लेकर ही बातचीत शुरू हुई होगी, फिर लगातार ट्रांजैक्शन हुए और आखिर में बुजुर्ग ने सुसाइड कर लिया। पुलिस ने 9039984609 और 8955504415 मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की है। इसी नंबर से बुजुर्ग को कॉल किए गए हैं।

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