MP का नया मुख्य सचिव कौन होगा? IAS अनुराग जैन को लेकर सामने आई ये बात, जल्द फैसला

MP का नया मुख्य सचिव कौन होगा? IAS अनुराग जैन को लेकर सामने आई ये बात, जल्द फैसला


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Madhya Pradesh New Chief Secretary: मध्य प्रदेश के मौजूदा मुख्य सचिव आईएएस अफसर अनुराग जैन अगस्त में रिटायर हो रहे हैं. सरकार नए मुख्य सचिव को लाएगी या विस्तार देगी. जानें सब…

प्रतीकात्मक.

हाइलाइट्स

  • अनुराग जैन अगस्त में रिटायर हो रहे हैं
  • मुख्य सचिव पद पर बदलाव की चर्चा तेज
  • सीएम की पसंद निर्णायक भूमिका निभाएगी
Bhopal News: मध्य प्रदेश में नौकरशाही के सबसे अहम पद पर बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. मौजूदा मुख्य सचिव अनुराग जैन अगले महीने अगस्त में सेवानिवृत्त होने वाले हैं. ऐसे में यह चर्चा ज़ोर पकड़ रही है कि क्या उन्हें कार्यकाल विस्तार मिलेगा या राज्य को नया मुख्य सचिव मिलेगा.

1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS अफसर अनुराग जैन सितंबर 2024 में मुख्य सचिव बने थे. इससे पहले वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे. उनकी नियुक्ति को केंद्र सरकार की पसंद माना गया था. तब राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त हो रही तत्कालीन मुख्य सचिव वीरा राणा के अंतिम कार्यदिवस पर नए मुख्य सचिव की औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं.

लेकिन, अब हालात कुछ अलग हैं. मौजूदा भाजपा सरकार को सत्ता में आए लगभग 20 महीने हो चुके हैं. मुख्यमंत्री नौकरशाही को नज़दीक से जान चुके हैं. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या मुख्यमंत्री अपनी टीम के हिसाब से नया मुख्य सचिव चुनेंगे या फिर केंद्र की पसंद के अनुराग जैन को ही कार्यकाल विस्तार देंगे.

इतने लोग लाइन में…
सूत्रों की मानें तो वरिष्ठता ज़रूरी मानदंड ज़रूर है, लेकिन यह तय करने वाला एकमात्र मानदंड नहीं है. जैन के बाद जय नारायण कंसोटिया, राजेश कुमार राजोरा, अलका उपाध्याय और मनोज गोविल राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं. मगर, कंसोटिया भी अगले महीने रिटायर हो जाएंगे, जबकि उपाध्याय और गोविल अभी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं. राजोरा वर्तमान में राज्य में कार्यरत हैं और बीते दिनों मुख्यमंत्री सचिवालय से हटाए जाने से पहले मुख्यमंत्री के एसीएस रह चुके हैं.

क्या इस घटना से कमजोर पड़ा रसूख?
TNN की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो मुख्य सचिवों इकबाल सिंह बैंस और वीरा राणा को कार्यकाल विस्तार मिला था. ऐसे में जैन के लिए भी विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. मगर, हाल ही में कुछ घटनाओं ने मौजूदा मुख्य सचिव के पक्ष को कमजोर किया है. जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद हुआ, जिसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री पर भी आरोप लगे. बाद में सरकार ने मंत्री को क्लीन चिट दे दी और आरोपों को “निराधार” बताया, लेकिन माना गया कि मुख्य सचिव कार्यालय इस मामले को सही तरह से नहीं संभाल पाया.

सीएम की पसंद के बड़े मायने
राज्य सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की पसंद इस नियुक्ति में निर्णायक भूमिका निभाती है. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “मुख्य सचिव चुनते समय सिर्फ वरिष्ठता नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री का विश्वास, प्रशासनिक अनुभव, और राजनीतिक परिस्थितियां भी अहम होती हैं.” सरकार के लिए यह निर्णय रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है. क्या अनुभव और केंद्र की पसंद को तरजीह दी जाएगी या मुख्यमंत्री अपनी टीम को मजबूत करने के लिए किसी नए चेहरे पर दांव लगाएंगे, यह अगले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा.

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