ग्वालियर कलेक्ट्रेट में सतर्कता समिति की बैठक: कलेक्टर का निर्देश- राहत वितरण में लापरवाही न हो, समय पर भेजें मांग पत्र – Gwalior News

ग्वालियर कलेक्ट्रेट में सतर्कता समिति की बैठक:  कलेक्टर का निर्देश- राहत वितरण में लापरवाही न हो, समय पर भेजें मांग पत्र – Gwalior News


कलेक्ट्रेट में बैठक में अधिकारी अपना प्रेजेंटेशन देते हुए।

ग्वालियर में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक में कलेक्टर रूचिका चौहान ने कहा कि पीड़ित व्यक्तियों को राहत उपलब्ध कराने में देरी नहीं होनी चाहिए। बजट की कमी न रहे, इसके लिए प्रकरणों की संख्या का उल्लेख करते हुए संबंधित विभाग को लगातार

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कलेक्टर ने सहायक आयुक्त, जनजाति कल्याण को भी निर्देश दिए हैं। बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पुलिस थानों में दर्ज मामलों में चालान की स्थिति और पीड़ितों को शासन के प्रावधानों के अनुसार राहत वितरण की समीक्षा की गई।

बैठक शनिवार शाम को कलेक्ट्रेट के सभागार में हुई है, जिसमें एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार, विधायक डबरा सुरेश राजे, सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण राजेन्द्र शर्मा व उप पुलिस अधीक्षक अजाक विजय सिंह तोमर सहित समिति के अन्य सदस्यगण व संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर जनजाति कल्याण विभाग को निर्देश देते हुए।

25 फीसदी कम हुए उत्पीड़न के केस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने जानकारी दी कि ग्वालियर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों में लगातार गिरावट आ रही है। जिले में साल 2023 की तुलना में पिछले एक साल में इन प्रकरणों में लगभग 25 प्रतिशत की कमी आई है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले के थानों में दर्ज हुए विभिन्न प्रकरणों के आधार पर पिछले एक साल के दौरान पीड़ित व्यक्तियों को लगभग 6 करोड़ रुपए की आर्थिक राहत उपलब्ध कराई गई है।

जाति प्रमाण पत्र जल्द बनाए जाएं कलेक्टर रूचिका चौहान व एसएसपी धर्मवीर सिंह ने जोर देकर कहा कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज केस में राहत वितरण व चालान पेश करने की कार्रवाई तत्परता से की जाए। कलेक्टर चौहान ने कहा कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज जिन प्रकरणों में जाति प्रमाण-पत्र की जरूरत है, वे सभी जाति प्रमाण पत्र तत्परता से बनवाए जाएंगे।

उन्होंने डीएसपी अजाक से ऐसे सभी प्रकरणों की सूची संबंधित एसडीएम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिनमें जाति प्रमाण-पत्र की जरूरत है। कलेक्टर चौहान ने कहा कि जाति प्रमाण-पत्र बनाने की कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाएगी।

जनजाति कल्याण ऑफिस में लगवाएं CCTV कैमरे कलेक्टर रुचिका चौहान ने विशेष जोर देकर कहा कि सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण विभाग कार्यालय के सम्पूर्ण परिसर में CCTV कैमरे लगवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी अवांछित व्यक्ति कार्यालय परिसर में दिखाई नहीं देना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति हितग्राहियों को जल्द पैसा दिलाने के नाम पर बरगलाने की कोशिश करे तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।



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