कांग्रेस का आरोप है कि 30 लाख रुपए कीमत की सड़क 30 दिन में खराब हो गई।
जबलपुर नगर निगम के लाला लाजपत राय वार्ड में 30 लाख रुपए की लागत से बनी डामर की सड़क 30 दिन में उखड़ गई। सड़क पर जहां-तहां गड्ढे पड़ गए, जिसके विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया और खराब सड़क पर बेशरम की पौधे लगाए।
.
कांग्रेसियों का आरोप है कि लाखों रुपए की लागत से आम लोगों के लिए बनी रोड चंद दिनों में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।
इधर, भाजपा पार्षद का कहना है कि कांग्रेस बिना तैयारी और जानकारी के विरोध में कर रहे हैं। जिस सड़क को 30 लाख का भ्रष्टाचार बता रहे हैं, उसे बनाने वाले ठेकेदार को अभी एक रुपए भी नहीं दिए गए हैं। यह वैकल्पिक व्यवस्था है।
सड़क पर लगाए बेशरम के पौधे रविवार को कांग्रेस नेता सुधीर दुबे के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के साथ मिलकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लाला लाजपत राय वार्ड के मुखर्जी चौक पर जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेसी नेताओं ने खराब सड़क पर बेशरम के पौधे लगाकर लाखों रुपए की लागत से बनी सड़क को खटिया बताया।
कांग्रेस नेता सुधीर दुबे ने कहा-
भरी बारिश में चंपानगर से लेकर मानेगांव तालाब सहित दीवानबाड़ा, केशरी नगर, मुखर्जी चौक पर सड़क बनाई गई, जबकि इसकी जरूरत अभी नहीं बल्कि बारिश के पहले ही होना चाहिए। स्थानीय विधायक और पार्षद ने जानबूझकर बारिश में सड़क बनवाई, जिसकी हालत महज एक माह के भीतर लोगों के सामने हैं।


खराब सड़क पर बेशरम के पौधे लगाकर विरोध करते कांग्रेसी नेता।
30 दिन में खराब हो गई 30 लाख की सड़क कांग्रेस नेता सुधीर दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री अधोसंरचना के तहत 30 लाख रुपए खर्च किए गए है। उन्होंने कहां कि इस भष्ट्राचार को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि ना ही विरोध कर रहे हैं।
न ही ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, जिसने कि सिर्फ 30 दिन पहले 30 लाख की सड़क बनाई और उसकी अब धज्जियां उड़ गई है।
कांग्रेस नेता का कहना है कि जनता के टैक्स से ये सड़क बनी है। इसका जवाब जनता से चुने जनप्रतिनिधियों को देना ही होगा। सुधीर दुबे का कहना है कि लाला लाजपत राय वार्ड में विधानसभा चुनाव के बाद से तीन बार सड़क अलग-अलग मदों से बनाई जा चुकी है।

खराब सड़क को लेकर कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद तीन बार बन चुकी है सड़क।
नाले का पानी काट रहा तालाब की मिट्टी मानेगांव तालाब का एक कोना बारिश के कारण हो रहे मिट्टी के कटाव में आ गया है। नाले से बह रहा पानी धीरे-धीरे तालाब किनारे की सड़क को काट रहा है, जिसके चलते कभी भी तालाब फट सकता है। कांग्रेस नेताओं ने उस तालाब का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे विरोध के बाद निगम कमिश्नर और विधायक ने कर्मचारियों को निर्देश दिए, जिसके बाद आनन-फानन में गिट्टी से भरी बोरियों को भरकर रोड के पास रख दिया, जिससे कि मिट्टी न बहे, पर आज आलम यह है कि जिस तेजी से मिट्टी तालाब के पास से धंसक रही है, उससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अगर तालाब फटता है, तो आधा दर्जन कालोनियों में बने सैकड़ों घर प्रभावित होंगे।

बिना तैयारी के कांग्रेसी कर रहे हैँ प्रदर्शन कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और 30 लाख की लागत से बनी सड़क पर लगे भष्ट्राचार के आरोपों को लेकर स्थानीय भाजपा पार्षद ने जवाब दिया है। पार्षद सावित्री शाह का कहना है कि जिस रोड को लेकर कांग्रेसियों ने आज प्रदर्शन किया है, उसके लिए एक रुपए भी अभी निगम ने खर्च नहीं किए गए। बारिश के चलते लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। बारिश खत्म होते ही चंपानगर से लेकर मानेगांव तालाब और दीवानबाड़ा में फिर से नई सड़क बनाई जाएगी।