अगले 48-72 घंटों में ये हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. राजधानी भोपाल में दिनभर बारिश हुई. लंका फोरलेन तिराहे सहित कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गईं, इतना कि वहां नाव तक चलती दिखाई दीं . बरगी और बाणसागर डैम के गेट खोल दिए गए, जिससे जल स्तर नियंत्रित हो सका, पर अन्य जिलों में जल संकट और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है.
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मानसून की ट्रफ लाइन इस समय मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गुजरते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही है. पूर्वी मध्यप्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है, वहीं एक पश्चिमी विक्षोभ भी पूर्वी एमपी को प्रभावित करते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है. इन मौसमी सिस्टमों की संयुक्त सक्रियता के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला लगातार बना हुआ है. ग्रामीण इलाकों में किसानों को अलर्ट किया गया है कि वे खेतों में जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करें और कहीं पानी का बहाव तेज होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें. प्रशासन ने डैम आसपास के स्थानों में चेतावनी प्रदान की है, साथ ही स्कूलों, गाँवों व बाजारों के समीप बचाव दल तैनात किए हैं.
शहरों में ऐसे है हालात, सड़के बन गई है नदी, चल रही हैं नाव
भोपाल : राजधानी में दिनभर उमस और धूप का असर रहा, लेकिन शाम होते ही तेज बारिश शुरू हो गई जो देर रात तक चलती रही. शहर के निचले इलाकों में जलभराव की शिकायतें आई हैं.
रीवा : रीवा में बीते 24 घंटे में 90.5 मिमी बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के चलते एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल गिर गई है. आसपास के इलाकों में जलभराव और नालों के उफान की स्थिति बनी है.
शहडोल : बाणसागर डैम का जलस्तर 339.13 मीटर तक पहुंच गया है. दो गेट खोलकर 2500 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया. ब्यौहारी क्षेत्र में तेज बारिश से कई कच्चे मकान ढह गए, जिससे एक ग्रामीण की मौत हुई है. राहत-बचाव कार्य जारी हैं.
सतना : चित्रकूट और मैहर क्षेत्रों में सड़कों ने नदी का रूप ले लिया है. अमरपाटन में सबसे ज्यादा 125 मिमी बारिश हुई. कई जगहों पर पानी भरने से यातायात बाधित है.
सीधी : चुरहट में 96 मिमी और सिहावल में 78.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है. निचले इलाकों में पानी भर गया है, प्रशासन ने बाढ़ से सतर्क रहने की अपील की है.
सिंगरौली : चितरांगी में 79.4 मिमी बारिश दर्ज की गई. आसपास के क्षेत्रों में छोटे पुलों के ऊपर से पानी बहने की सूचना है.
कटनी : विजयराघवगढ़ में 72 मिमी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बने हैं. प्रशासन ने स्कूलों को अलर्ट पर रखा है.
जबलपुर : बरगी डैम के 5 गेट खोले गए हैं. बारिश का असर शहर के कई हिस्सों में दिखा, निचले क्षेत्र जलमग्न हुए हैं.
उज्जैन – इंदौर – ग्वालियर : इन बड़े शहरों में तापमान में गिरावट आई है, लेकिन उमस बनी रही. शाम को छिटपुट बारिश हुई, लेकिन जलभराव जैसी स्थिति फिलहाल नहीं है.