भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने मंगलवार को रतलाम कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर भील प्रदेश राज्य गठन की मांग की। मोर्चा के पदाधिकारियों ने “जय जौहार का नारा है, भारत देश हमारा है” के नारों के साथ राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
.
पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को मिलाकर भील प्रदेश बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों के आदिवासी समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज, भाषा और रहन-सहन एक जैसा है।
प्रदर्शन के दौरान एसडीओपी किशोर पाटनवाला, स्टेशन रोड थाना प्रभारी स्वराज डाबी, डीडी नगर थाना प्रभारी मनीष डाबर और माणकचौक थाना प्रभारी अनुराग यादव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते आदिवासी समाजजन।
अलग राज्य से होगी आदिवासी अधिकारों की रक्षा
इस दौरान भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि आज भी आदिवासी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। अलग राज्य बनने से न केवल आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि उनके विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा सकेंगी और आदिवासी इलाकों में समाज को प्रमुख प्रतिनिधित्व मिलेगा।
मोर्चा के प्रदेश संयोजक दिनेश माल ने बताया कि चारों राज्यों में एक साथ ज्ञापन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मूलभूत योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है और विकास की धारा में आदिवासी समाज पिछड़ रहा है।
मोर्चा की यह संवैधानिक मांग चारों राज्यों की विधानसभाओं में प्रस्ताव के रूप में रखी जाएगी। पदाधिकारियों ने कहा कि आदिवासियों के मान-सम्मान और स्वाभिमान को देखते हुए राजनीति से ऊपर उठकर अलग भील प्रदेश राज्य का गठन आवश्यक है।
जिले के सभी ब्लॉकों में सौंपा ज्ञापन
भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने जिले के सभी ब्लॉक स्तर पर ज्ञापन सौंपे। सैलाना, रावटी, पिपलौदा, बाजना और शिवगढ़ में आयोजित कार्यक्रमों में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में आदिवासी परिवार के ध्यानवीर डामोर, जयस के कालू बारोड़, भील सेना संगठन के राजेश सिंगाड़, जिला पंचायत सदस्य चंदू मईडा, दिनेश निनामा, रमेश भाभर, पवन भगोरा, कमल पारगी और शैलेंद्र डामोर उपस्थित रहे।
इस मौके पर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा, भील प्रदेश युवा मोर्चा, भील प्रदेश महिला मोर्चा, आदिवासी परिवार जयस, आदिवासी छात्र संगठन और भील सेना संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।