रीवा में बुधवार रात से जारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। गुरुवार सुबह से भी तेज बारिश शुरू हो गई। शहर के बीचोबीच स्थित निराला नगर में हर तरफ पानी ही पानी था। यहां कई घर आधे से ज्यादा डूब गए हैं, जिससे गृहस्थी का सामान सड़क पर बहने लग
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सरदार वल्लभ भाई पटेल बॉयज हॉस्टल तो तालाब में तब्दील हो गया। यहां 5 से 6 फीट पानी भरने के कारण दूसरी मंजिल पर 45 बच्चे फंस गए, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने नाव की मदद से बाहर निकाला।
वार्ड-36 में करीब 20 फीट ऊंची लोहे की सीढ़ी गिर गई, जिससे दूसरी मंजिल में मौजूद 20 लोगों को क्रेन की मदद से नीचे लाया गया। वहीं, रीवा से करीब 40 किमी दूर एक निर्माणाधीन अस्पताल की छत पर 9 घंटे तक 11 मजदूर बैठे रहे। रेस्क्यू टीम ने तेज बहाव के बीच उन्हें बमुश्किल बाहर निकाला।
शहर में बारिश के बाद के बने हालातों का दैनिक भास्कर की टीम ने जायजा लिया। पढ़िए यह रिपोर्ट..
हॉस्टल से रेस्क्यू की 3 तस्वीरें
बॉयज हॉस्टल में बारिश के बाद 6 फीट तक पानी भर गया। 45 छात्र यहां फंस गए।

सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम यहां पहुंची। इसके बाद नाव लेकर हॉस्टल बिल्डिंग तक पहुंची।

हॉस्टल से रेस्क्यू टीम ने छात्रों को निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद आई टीम

रात भर की बारिश में निराला नगर में बॉयज हॉस्टल परिसर में 6 फीट तक पानी भर गया था।
निराला नगर स्थित सरदार पटेल बॉयज हाॅस्टल में पानी भरने की सूचना पर भास्कर की टीम मौके पर पहुंची। यहां पूरा इलाका पानी-पानी था। हॉस्टल अघोषित तालाब में तब्दील हो चुका था। दो मंजिला हॉस्टल का पहला फ्लोर करीब-करीब डूब चुका था। यहां परिसर में 5 से 6 फीट पानी भरा हुआ था। यहां मौजूद सभी 45 बच्चे बचने के लिए हॉस्टल की दूसरी मंजिल में चले गए थे। सीएसपी रितु उपाध्याय, नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला, थाना प्रभारी हितेंद्र नाथ शर्मा और एसडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद थी।
एक घंटे तक चला नाव से रेस्क्यू टीम वोट की मदद से बारी-बारी से छात्रों को हॉस्टल से बाहर निकाल रही थी। एक बार में बोट में 5 से 6 छात्रों को लाया जा रहा था। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सभी 45 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पानी ज्यादा होने के चलते ऐहतियात के तौर पर हॉस्टल के मेन गेट ताल लगाकर सभी छात्रों को सरस्वती स्कूल स्थित राहत शिविर में ठहरा दिया गया।
छात्र बोला- नींद खुली तो कमरों में पानी बढ़ता देखा अवधेश प्रताप सिंह विश्व विद्यालय में बीए सेकेंड ईयर के छात्र रोहित सिंह ने बताया कि हम सभी 45 छात्र यूनिवर्सिटी में अलग-अलग पाठ्यक्रम के छात्र हैं। रातभर से बारिश हो रही थी। सुबह जल्दी नींद खुली तो देखा कि परिसर में तीन से चार फीट तक पानी भरा था। पहली मंजिल पर स्थित कमरों में पानी धीरे-धीरे भर रहा था। यह देखकर एक-दूसरे को जगाया और सामान ऊपर की मंजिल में लेकर गए। धीरे-धीरे पानी बढ़ता चला गया।

मजबूर होकर सीएम हेल्पलाइन में की शिकायत रोहित ने बताया कि यह देखकर हमारी जान हलक पर आ गई, क्योंकि किसी भी तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे हम बाहर निकल पाते। इसके बाद हमने नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों को कॉल किया। जब फोन किया तो मदद के लिए कोई मौके पर नहीं पहुंचा, मजबूरन हमने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद काफी देर तक इंतजार करना पड़ा, तब जाकर कहीं मदद पहुंची।
गंदगी वाली जगह में हमें छोड़कर चले गए यूनिवर्सिटी में बीकाम के छात्र सर्वेश राज ने बताया कि कई बार मदद मांगने के बाद बड़ी मुश्किल से मदद पहुंची। हमें बोट की मदद से निकाला और गंदगी वाली जगह पर लाकर ठहरा दिया। जहां हमें रोका गया है, वहां गंदगी ही गंदगी है।
सोने के लिए न तो बिस्तर है, न पीने के लिए पानी है। न खाने की कोई व्यवस्था है। सुबह से भूखे-प्यासे पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं। हमारे कुछ साथी तो बीमार हो गए। सारा सामान भीग गया है। अधिकारी अच्छी व्यवस्था का दिलासा देकर गंदी जगह में छोड़कर हमें चले गए हैं।

निराला नगर में घरों में पानी भर गया। यहां गृहस्थी का सारा सामान बहने लगा।
एक दिन की बारिश में पूरा रीवा डूब रहा निराला नगर की रहने वाली प्रिया शर्मा का कहना था कि चारों तरफ जो नजारा है, उसे देखकर यह समझ नहीं आ रहा है कि यह घर है या फिर तालाब। गृहस्थी का सारा समान पानी में भीतर तैर रहा है। 24 घंटे की बारिश हो जाए तो मोहल्ले के मोहल्ले डूब जाते हैं, क्या यही विकास है। नगर निगम साल भर सोता रहता है। पहले से कोई व्यवस्था नहीं बनाई जाती। इस सबके लिए नगर निगम और उनके अधिकारी जिम्मेदार हैं। एक दिन की बारिश में पूरा रीवा डूब रहा है।
निर्माणाधीन अस्पताल में फंसे रहे मजदूर एसडीआरएफ टीम के प्रभारी विकास सिंह ने बताया कि रीवा से करीब 40 किमी दूर सथनी गांव में निर्माणाधीन अस्पताल में बारिश का पानी भर गया था। यहां काम कर रहे 11 मजदूर फंस गए थे।
इनमें 9 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल थीं। सूचना के बाद टीम मौके पर पहुंची। यहां तेज बहाव के कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी आई। करीब 9 घंटे की मशक्कत के बाद सभी को नाव की मदद से बाहर निकाल लिया गया।

निर्माणाधीण अस्पताल के चारों ओर पानी भर गया। मजदूर यहीं फंस गए।
20 फीट ऊंची लोहे की सीढ़ी गिरी, 20 लोग फंसे यहां से टीम शहर के वार्ड-36 में पहुंची। यहां भी हालात बदतर थे। लगातार बारिश के चलते भागवत चौरसिया के करीब 100 साल पुराने मकान की सीढ़ी धराशायी हो गई। 20 ऊंची यह सीढ़ी दूसरी मंजिल में जाने के लिए थी। सीढ़ी गिरने से दूसरी मंजिल पर करीब 20 लोग फंस गए। इनमें ज्यादातर किराएदार थे।
सूचना के बाद मौके पर कोतवाली थाना प्रभारी श्रृंगेश राजपूत, तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला और एसडीएम वैशाली जैन पहुंचे। क्रेन की मदद से एसडीआरएफ के प्रभारी विकास खिड़की तक पहुंचे। खिड़की को काटकर सभी को घर से बाहर निकाला और नीचे लेकर आए।

100 साल पुराने मकान में सीढ़ी गिरने से किराएदार यहां फंस गए। उनका रेस्क्यू किया गया।
सीढ़ी गिरी, लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला ने कहा कि जिस जर्जर मकान की सीढ़ी गिरी थी, उससे लोगों को निकलकर दूसरी जगह पर शिफ्ट किया गया है। फिलहाल कोई जनहानि नहीं हुई है। हॉस्टल से भी समय रहते छात्रों का रेस्क्यू किया गया है।

नगर निगम की टीम ने हॉस्टल और मकान से लोगों का रेस्क्यू किया।
आपदा प्रबंधन केंद्र में पहुंच रही शिकायतें रीवा में पिछले 24 घंटे की लगातार बारिश से करीब शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के 350 घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अमहिया, कैलाशपुरी, बिछिया, नेहरू नगर, इंदिरा नगर शामिल हैं। कलेक्ट्रेट सहित नगर निगम में बनाए गए आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम में लगातार विभिन्न क्षेत्रों से जल भराव की शिकायतें पहुंची हैं।

देखें रीवा की बारिश की तस्वीरें…
भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के घर में फिर भरा पानी

भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के घर में बारिश के बाद पानी भर गया।

घरों में भी एक से डेढ़ फीट पानी भरा हुआ था। इसे लेकर विधायक ने नाराजगी जताई।
बीहर-बिछिया नदी उफान पर, 350 घरों में पानी शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली बीहर और बिछिया नदी के उफान आने से करीब 350 घर चपेट में आ गए हैं। इनमें नदी किनारे बसे बांस घाट मोहल्ला, निपनिया, रानी तालाब, झिरिया और निराला नगर शामिल हैं।
12 जुलाई को भी 24 घंटे में 8 इंच बारिश के बाद यहां के हालात बिगड़ गए थे। तब एयरपोर्ट के एक हिस्से की बाउंड्री धराशायी हो गई थी। वहीं, गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह के सरकारी आवास में भी पानी भरा गया था।
बुधवार रात से लेकर गुरुवार सुबह 8 बजे तक रीवा संभाग में सीधी में सर्वाधिक 3.1 इंच और रीवा में 2.2 इंच बारिश हुई है। वहीं, नर्मदापुरम- 1.9 जबलपुर- 1.4 उमरिया- 1.3 ग्वालियर- 1.1 पचमढ़ी- 1.0 भोपाल- 0.6 सतना- 0.5 पानी गिरा है।

बीहर नदी उफान पर है। रिवर फ्रंट पर बनी रोड पूरी तरह डूब चुकी है।