दरअसल जबलपुर का ऐसा अद्भुत बांध जिसे देखकर आप हैरान हो जाएंगे, क्योंकि यह बांध मिरर यानी शीशे की तरह दिखाई देता है. हम बात कर रहे हैं बिलटुकरी डैम की, जहां इस डैम को ग्रामीण स्टॉप डैम भी कहते हैं. हालांकि, यह बांध जबलपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर निवास रोड पर है, जहां कुंडम (कुंडेश्वर) के रास्ते जाना होता है. इस बांध तक पहुंचने के रास्ते काफी संकरे हैं, लेकिन आसानी से बांध तक पहुंचा जा सकता है.
यह बांध मानसून के सीजन में ही देखने को मिलता है, जहां टूरिस्ट को हरियाली का दीदार होता है. बहरहाल, अब यह बांध टूरिस्ट के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है. बड़ी संख्या में टूरिस्ट इस बांध को देखने पहुंच रहे हैं. ये जगह पिकनिक स्पॉट बन चुकी है. बांध का हिस्सा करीब 270° है, जहां पानी गोल आकार में मिरर की तरह गिरता हुआ दिखाई देता है. जैसे पानी का प्रतिबिंब हो.
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ग्रामीणों के मुताबिक, इस बांध से दर्जनों गांवों की प्यास बुझाई जाएगी, जहां प्रोजेक्ट के रूप में काम किया जा रहा है. बांध का विहंगम नजारा टूरिस्ट को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है, जिसके चलते टूरिस्ट इस नजारे को प्रत्यक्ष रूप से देखना पसंद कर रहे हैं. जिसके चलते बिलटुकरी डैम को देखने खिंचे चले आ रहे हैं. लगातार टूरिस्ट के आने के बाद ग्रामीण भी खुश हैं. ग्रामीणों का कहना है प्रतिदिन टूरिस्ट आते हैं, जिन्हें हम पता बताते हैं.
बिलटुकरी डैम जाने के लिए रांझी से खमरिया होते हुए पहले कुंडम जाना होता है. यह बांध कुंडम से करीब 10 किलोमीटर दूर है. इसके लिए निवास रोड से सताबेली गांव के लिए मुड़ना होता है. मतलब यह डैम शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर है. रास्ता मनोरम भी है. कहीं पक्का तो कहीं कच्चा. यदि आप इस डैम आ रहे हैं, तब सफर को शानदार बनाने खुद के दोपहिया या चार पहिया वाहन से आएं, जिससे परेशानियों का सामना न करना पड़े.