हरदा में बारिश के बाद शहर में कई जगहों पर पानी भरा है। नालियां, खुल प्लाटों में भरे पानी से डेंगू-मलेरिया, डायरिया, हैजा और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। लोग बीमार न हों इसलिए सभी वार्डों में जल भराव वाली जगह पर दवा का छिड़काव किया जा
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बारिश रुकने के बाद शासन-प्रशासन और जनता ने राहत की सांस ली है। लेकिन अभी भी परेशानियां कम नहीं हुई हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में रिहायशी क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति बनी हुई है। कलेक्टर ने पिछले दिनों एक बैठक में स्वास्थ्य विभाग और सभी नगरीय निकायों को अलर्ट किया था।
उन्होंने कहा था कि क्षेत्र में जल भराव की स्थिति न होने दें। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
नगरपालिका की टीम वार्डों में पहुंचकर पानी में दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं।

दवा छिड़काव करने से बीमारियों का खतरा कम होगा।
शहर के कुल 35 वार्डों में से हर वार्ड में जल भराव की समस्या है। इसका मुख्य कारण जल निकासी की उचित व्यवस्था का न होना है। अधिकांश कॉलोनियों में नालियां बनी ही नहीं हैं। जहां नालियां हैं, वहां भी पानी निकासी ठीक नहीं है।
कई कॉलोनियों में खाली प्लॉट हैं जिनमें इस समय पानी भरा हुआ है। इससे डेंगू, मलेरिया, डायरिया, हैजा और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
इसी को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका ने गुरुवार से शहर के सभी वार्डों में खाली प्लॉट और जल भराव वाले क्षेत्रों में दवाई का छिड़काव शुरू कर दिया है। नगर पालिका के कर्मचारी अलग-अलग वार्डों में छिड़काव कर रहे हैं।