प्रज्ञा को मौत से बदतर… उमा भारती ने रोते-रोते सुनाई जेल वाली कहानी, बोलीं- राहुल-दिग्विजय देश से माफी मांगें

प्रज्ञा को मौत से बदतर… उमा भारती ने रोते-रोते सुनाई जेल वाली कहानी, बोलीं- राहुल-दिग्विजय देश से माफी मांगें


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Malegaon bomb blast Sadhvi: मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बरी होने पर उमा भारती भावुक हुईं. उन्होंने कहा कि अगर प्रज्ञा यातना में टूट जातीं, तो कई बीजेपी नेता जेल में होते.

उमा भारती का भावुक बयान

हाइलाइट्स

  • साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बरी होने पर उमा भारती भावुक हुईं
  • दिग्विजय सिंह सहित अन्य नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग
  • आतंकवाद शब्द को कांग्रेस की साजिश
Malegaon Blast Case Verdict. भोपाल में न्यूज 18 इंडिया से खास बातचीत में मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी हुई साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अगर यातना से घबड़ा जात, तो बीजेपी और देश के हिन्दुवादी संगठनों के की नेता जेल जाते और आज जाकर छूट पाते .

– महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी ने बताया था कि प्रज्ञा ठाकुर की बहुत शारीरिक प्रताड़ना हुई है. कर्नल पुरोहित के बारे में पता लगा था . प्रज्ञा से मैं महिला होने के नाते मिली थी . मुझे मिलने का अधिकार था. प्रज्ञा ने कहा कि जो आपने सुना वो सब सच है .एक भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ा .फिर उसको सत्यापित करने के लिये ऐसे बेकसूर लोगों को पकड़वाया . उनको बुरी तरह से शारीरिक यातनायें दी गई. बस वो जीवित रह गये . बाकी तो वो मौत की भीख मांग रहे थे .

– क्या यातनायें थी वो मैं आपको नहीं बता सकती. अगर खुद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर बतायें तो अलग बात है .तो ही उचित होगा. क्या क्या उसके साथ हुआ . नासिक की जेल मैं उससे मिलने गई तो कुछ ले नहीं गई . क्योंकि मुझे लगा कि जेल के नियम में मैं कुछ ले नहीं जा सकती . मुझे नहीं पता था कि उसने क़ैदी होने के नाते जो पैसे मिलते हैं उससे माला मँगवा रखी थी . शॉल मँगवा रखा था. मुझे वो ओढ़ाया और माला पहनाई . मेरे आँसू पोंछे. मुझे चुप कराया . मैं वैसे रोती नहीं हूँ . आँख के आंसू होते हैं . दुख जो जल रहा होता है अंदर . जब वो बरी हुई तो मैं बहुत खुश हुई . जब वो भोपाल से सांसद बनी थी तब भी मैं बहुत खुश हुई थी. मैं चाहती हूँ कि कर्नल पुरोहित का भी इसी तरह सम्मान हो. मैं उनका और सभी दूसरे आरोपियों का जो बरी हुये है अभिनंदन करूँगी.

– राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह को माफ़ी माँगनी चाहिये . उन सभी नेताओं को जिन्होंने भगवा आतंकवाद का शब्द प्रयोग किया था . आज इन सबको देश के सामने कान पकड़कर हाथ जोड़कर माफी माँगनी चाहिये .

– उनको चुनाव जीतने के लिये इस्लामिक आतंकवाद का सहारा लेना था. ये उनका बहुत बड़ा वोट बैंक बन रहा था. इस्लामिक आतंकवाद के जरिये इस देश के मुस्लिम युवाओं को वो एकत्रित कर रहे थे. उनके अंदर आक्रोश पैदा कर रहे थे. इसी को काउंटर करने के लिये उन्होंने हिन्दु आतंकवाद शब्द गढ़ा. ये पहले से चल रहा है. नेहरू जी के जमाने में राम जन्मभूमि पर ताले डाल दिये गये. ताले पडे तो मुसलमान खुश. पूजा हो रही है तो हिन्दु खुश. बिल्कुल ये नेहरू के समय की नीति है. कि हिन्दुओं की खूब बेइज़्ज़ती करो और मुस्लिम समाज को नाराज़ मत होने दो. उसी के तहत हिन्दू नेताओं को प्रताड़ित करो. क्योंकि इस्लामिक आतंकवाद शब्द आने लगा है. उसको काउंटर करने के लिये इस्लामिक आतंकवादियों को खुश करने के लिये उनके माध्यम से जुड़े वोट बैंक को खुश करने के लिये भगवा आतंकवाद शब्द की रचना हुई है .

– (हाथ पकड़कर बोलते हुये साध्वी) साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने तमाम यातना के बाद भी वो नाम नहीं उगले ये बडी बात है .अगर वो नाम ले लेती . कर्नल पुरोहित वो नाम ले लेते तो बीजेपी के और इस देश के अन्य राष्ट्रवादी संगठनों के नेता जिनके मैं नाम नहीं ले सकती वो सब जेल में होते. अब जाकर बरी होते.

बता दें कि मालेगांव ब्लास्ट केस में आज कोर्ट का फैसला आया, जिसमें साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत 8 आरोपियों का बरी कर दिया गया, जिसपर ब्लास्ट कराने का आरोप था.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digiatal), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked …और पढ़ें

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प्रज्ञा को मौत से बदतर… उमा भारती ने रोते-रोते सुनाई जेल वाली कहानी



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