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Malegaon bomb blast Sadhvi: मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बरी होने पर उमा भारती भावुक हुईं. उन्होंने कहा कि अगर प्रज्ञा यातना में टूट जातीं, तो कई बीजेपी नेता जेल में होते.
हाइलाइट्स
- साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बरी होने पर उमा भारती भावुक हुईं
- दिग्विजय सिंह सहित अन्य नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग
- आतंकवाद शब्द को कांग्रेस की साजिश
– महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी ने बताया था कि प्रज्ञा ठाकुर की बहुत शारीरिक प्रताड़ना हुई है. कर्नल पुरोहित के बारे में पता लगा था . प्रज्ञा से मैं महिला होने के नाते मिली थी . मुझे मिलने का अधिकार था. प्रज्ञा ने कहा कि जो आपने सुना वो सब सच है .एक भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ा .फिर उसको सत्यापित करने के लिये ऐसे बेकसूर लोगों को पकड़वाया . उनको बुरी तरह से शारीरिक यातनायें दी गई. बस वो जीवित रह गये . बाकी तो वो मौत की भीख मांग रहे थे .
– उनको चुनाव जीतने के लिये इस्लामिक आतंकवाद का सहारा लेना था. ये उनका बहुत बड़ा वोट बैंक बन रहा था. इस्लामिक आतंकवाद के जरिये इस देश के मुस्लिम युवाओं को वो एकत्रित कर रहे थे. उनके अंदर आक्रोश पैदा कर रहे थे. इसी को काउंटर करने के लिये उन्होंने हिन्दु आतंकवाद शब्द गढ़ा. ये पहले से चल रहा है. नेहरू जी के जमाने में राम जन्मभूमि पर ताले डाल दिये गये. ताले पडे तो मुसलमान खुश. पूजा हो रही है तो हिन्दु खुश. बिल्कुल ये नेहरू के समय की नीति है. कि हिन्दुओं की खूब बेइज़्ज़ती करो और मुस्लिम समाज को नाराज़ मत होने दो. उसी के तहत हिन्दू नेताओं को प्रताड़ित करो. क्योंकि इस्लामिक आतंकवाद शब्द आने लगा है. उसको काउंटर करने के लिये इस्लामिक आतंकवादियों को खुश करने के लिये उनके माध्यम से जुड़े वोट बैंक को खुश करने के लिये भगवा आतंकवाद शब्द की रचना हुई है .
बता दें कि मालेगांव ब्लास्ट केस में आज कोर्ट का फैसला आया, जिसमें साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत 8 आरोपियों का बरी कर दिया गया, जिसपर ब्लास्ट कराने का आरोप था.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digiatal), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked …और पढ़ें
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