सारंगपुर में वेतन नहीं मिलने पर सफाईकर्मियों ने काम रोका: कहा- त्योहार सिर पर, दो महीने की सैलरी दी जाए; धरना देने की चेतावनी दी – sarangpur (rajgarh) News

सारंगपुर में वेतन नहीं मिलने पर सफाईकर्मियों ने काम रोका:  कहा- त्योहार सिर पर, दो महीने की सैलरी दी जाए; धरना देने की चेतावनी दी – sarangpur (rajgarh) News


सारंगपुर नगर पालिका परिषद के 110 सफाईकर्मियों ने काम बंद कर दिया है।

सारंगपुर नगर पालिका परिषद के 110 सफाईकर्मियों ने गुरुवार को दोपहर बाद वेतन नहीं मिलने के विरोध में काम बंद कर दिया। इससे शहर में कचरा जमा होने और गंदगी फैलने का खतरा बढ़ गया है।

.

कर्मचारियों ने शाम 5 बजे सीएमओ ज्योति सुनहरे को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दो महीने का बकाया वेतन जल्द नहीं मिला तो अनिश्चितकालीन धरना देंगे और सफाई कार्य पूरी तरह रोक देंगे।

कर्मचारी बोले- नगर पालिका समय पर वेतन नहीं देती

सफाईकर्मियों का कहना है कि हम कई सालों से कार्यरत हैं। लेकिन नगर पालिका समय पर वेतन नहीं देती। महंगाई के इस दौर में कम और अनियमित वेतन से गुजारा करना मुश्किल हो गया है। त्योहारों के समय परिवार चलाना और बच्चों की जरूरतें पूरी करना चुनौतीपूर्ण है।

वेतन के अलावा ये मांगें भी की गईं

सफाईकर्मियों ने प्रत्येक वार्ड में पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की है। साथ ही पहचान पत्र, वर्दी और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।

कर्मचारियों ने नपा कार्यालय के बाहर नारेबाजी की है।

ठेका प्रथा और अल्प वेतन से कर्मचारी नाराज

अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी कल्याण संघ ट्रेड यूनियन के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष अरुण खिंगरवाल ने कहा, “हम प्रतिदिन सुबह-सुबह शहर को स्वच्छ रखते हैं। हमारी मेहनत से ही मध्यप्रदेश स्वच्छ नजर आता है। फिर भी हमें न स्थायी नौकरी मिलती है न ही समान वेतन।”

उन्होंने आगे कहा, “ठेका प्रथा और अल्प वेतन से हमारे बच्चों के सपने अधूरे रह जाते हैं। संविधान समान कार्य के लिए समान वेतन की बात करता है, लेकिन हमारे साथ यह लागू नहीं होता।”

धरने में पार्षद अमित गिरजे, बनारसी गिरजे, करण गिरजे सहित अन्य लोग भी पहुंचे और समर्थन दिया।

नपा सीएमओ ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनी हैं।

नपा सीएमओ ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनी हैं।

कर्मचारी दो महीने का वेतन मांग रहे

सीएमओ ज्योति सुनहरे ने कहा, “कर्मचारी दो महीने का वेतन मांग रहे हैं जबकि महीने की अंतिम तारीख है। पूरा महीने पूरा हुए बिना वेतन देना संभव नहीं। हम एक महीने का वेतन दे रहे हैं। साल 2016 से जुड़ा मामला कलेक्टर के पास लंबित है।”

समाचार लिखे जाने तक सफाईकर्मी धरने पर बैठे थे और नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी थी।



Source link