भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में 18 साल की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। सुसाइड से ठीक 22 दिन पहले 11 जुलाई को उसका बर्थ डे था, पिता ने घर में ही इसे सेलिब्रेट कराया था। घटना शनिवार की रात की है। रविवार की दोपहर को पी
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जानकारी के मुताबिक जिक्र पिता मेहताब खान (18) अशोका गार्डन थाने के पीछे शेड इलाके में रहती थी। इसी साल उसने दसवीं कक्षा में नए स्कूल में दाखिला लिया था। इससे पहले वह दूसरे स्कूल में पढ़ती थी। उसके पिता मेहताब ने बताया कि वो ऑटो ड्राइवर है। पत्नी इंडस्ट्रीयल एरिया की एक फैक्ट्री में जॉब करती है।
उन्होंने कहा कि, मैं शनिवार की रात को काम से लौटा, जिक्र ने मुझे खाना दिया। इसके बाद में कुछ खरीदने के लिए मुझसे पैसे लिए। किराना दुकान से सामान लाने के बाद कुछ देर साथ बैठी फिर घर के दूसरे रूम में चली गई। जब काफी देर तक नहीं निकली तो मैने आवाजें दीं। तब रूम के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
रविवार दोपहर को पुलिस ने शव को पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
खिड़की से झांकने पर दिखा बेटी का शव
रूम की खिड़की से झांकने पर देखा तो बेटी का शव दुपट्टे से बने फंदे पर लटका हुआ दिखाई दिया। गेट तोड़कर बॉडी को फंदे से उतारा, एक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने भी चेक करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मेहताब ने बताया कि जिक्र उनकी दूसरे नंबर की बेटी थी। उससे बड़ी एक बेटी और छोटा बेटा है।
खुदकुशी के कारणों का खुलासा नहीं
टीआई अनुराग लाल ने बताया कि पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। जहां युवती ने सुसाइड किया, उस कमरे को सील कर दिया था। एफएसएल की टीम के साथ कमरे की सर्चिंग की जाएगी। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।