नहीं चलेगी मनमानी…बीसीसीआई की स्टार खिलाड़ियों को फरमान जारी

नहीं चलेगी मनमानी…बीसीसीआई की स्टार खिलाड़ियों को फरमान जारी


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BCCI warns team india players: बीसीसीआई ने अपने अनुबंधित खिलाड़ियों को बता दिया है कि किसी भी अहम मैच में वो खेलने से मना नहीं कर सकते. इस समय कई भारतीय खिलाड़ी एक सीरीज में कुछ मैच खेलते हैं जबकि कई मैचों से ब…और पढ़ें

बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को बता दिया है कि वो अपनी मर्जी से मैच नहीं चुन सकते हैं.

हाइलाइट्स

  • वर्कलोड मैनेजमेंट की आड़ में खिलाड़ी खुद से मैच का चुनाव करते हैं
  • बीसीसीआई ने अपने खिलाड़ियों को बता दिया है कि आगे से ऐसा नहीं होगा
  • भारतीय बोर्ड ने कहा कि तेज गेंदबाजों को लेकर वर्कलोड मैनेज किया जाएगा

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को बता दिया है कि आगामी सीरीज में उनकी मनमानी नहीं चलेगी. कई भारत के स्टार खिलाड़ी किसी भी सीरीज के पूरे मैच नहीं खेलते हैं. वह पहले ही बता देते हैं कि उन्हें किस सीरीज में खेलना है और किसे छोड़ना है. कई खिलाड़ी वर्कलोड मैनेजमेंट की दुहाई का हवाला देकर खुद को सीरीज से या मुकाबले से अलग कर लेते हैं. हेड कोच गौतम गंभीर हमेशा से भारतीय क्रिकेट में मेगा स्टार संस्कृति के खिलाफ रहे हैं. लेकिन इंग्लैंड दौरे पर मोहम्मद सिराज के लगातार अच्छे प्रदर्शन से भारत के मुख्य कोच को अब अपने हिसाब से ‘टीम कल्चर’ बनाने का मौका मिल गया है.

इंग्लैंड से सीरीज 22 से ड्रॉ कराने के बाद गंभीर और चयन समिति के प्रमुख अजित अगरकर टीम में जरूर ऐसा माहौल बनाना चाहेंगे जिसमें सभी को बराबर माना जाए. समझा जाता है कि चयन समिति, गंभीर और भारतीय क्रिकेट के आला अधिकारी कार्यभार प्रबंधन के नाम पर खिलाड़ियों के मर्जी से मैच और सीरीज खेलने के चलन पर रोक लगाने को लेकर एकमत हैं. बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा ,‘इस पर बात हुई है और केंद्रीय अनुबंध प्राप्त खिलाड़ियों को बता दिया गया है , खास तौर पर उनको जो सभी प्रारूपों में नियमित खेलते हैं कि भविष्य में अपनी मर्जी से मैच चुनने का कल्चर नहीं चलेगा.

इसके यह मायने नहीं हैं कि…’

उन्होंने कहा ,‘इसके यह मायने नहीं हैं कि कार्यभार प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया जाएगा. तेज गेंदबाजों का कार्यभार प्रबंधन जरूरी है लेकिन इसकी आड़ में खिलाड़ी अहम मैचों से बाहर नहीं रह सकते. इंग्लैंड के खिलाफ मोहम्मद सिराज ने पांच टेस्ट में 185 . 3 ओवर डाले जिसके अलावा नेट्स पर गेंदबाजी और फील्डिंग अलग. उन्होंने फिटनेस के नए मानदंड कायम किए. सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और आकाश दीप के प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि बड़े से बड़े सितारे भी खेल से बढकर नहीं हैं.

स्टोक्स ने भी दिक्क्तों के बावजूद लंबे स्पैल डाले

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने भी कई दिक्कतों के बावजूद चौथे टेस्ट तक काफी लंबे स्पैल डाले. इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या कार्यभार प्रबंधन को अपनी सहूलियत के हिसाब से ढाल बनाया जाता है. भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने ‘इंडिया टुडे’ से कहा ,‘जब आप देश के लिये खेल रहे हैं तो दर्द भूल जाइए. क्या आपको लगता है कि सीमा पर जवान ठंड की शिकायत करेंगे. ऋषभ पंत ने आपको क्या दिखाया. वह फ्रेक्चर के बावजूद बल्लेबाजी के लिए आया. खिलाड़ियों से इसी की अपेक्षा की जाती है. भारत के लिए खेलना गर्व की बात है.

आप 140 करोड़ लोगों के प्रतिनिधि हैं

उन्होंने कहा ,‘आप 140 करोड़ लोगों के प्रतिनिधि हैं और यही हमने मोहम्मद सिराज में देखा. सिराज ने कार्यभार की तमाम बातों को धता बताते हुए दिलेरी से गेंदबाजी की. लगातार पांच टेस्ट में सात आठ स्पैल डाले क्योंकि देश को इसकी अपेक्षा थी. उम्मीद है कि यह कार्यभार शब्द भारतीय क्रिकेट के शब्दकोष से गायब हो जाएगा. यह भी कहा जा सकता है कि जसप्रीत बुमराह का पांचों टेस्ट में नहीं खेलने का फैसला बीसीसीआई को रास नहीं आया है. इससे बेंगलुरू के उत्कृष्टता केंद्र में काम कर रही खेल विज्ञान टीम पर भी ऊंगली उठी है.

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें

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