बुरहानपुर जिले में 8.41 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए इंटीग्रेटेड पैक हाउस केला कोल्ड स्टोरेज से 25 लाख रुपए कीमत के 11 कम्प्रेशर और कॉपर पाइप चोरी हो गए। ये मामला विधानसभा में विधायक अर्चना चिटनिस ने उठाया। उन्होंने कहा कि इस चोरी के कारण किसानों को
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मामले के संज्ञान में आते ही दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है और कृषि मंत्री ने उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया है।
चोरी का मामला विधानसभा में उठा, मंत्री ने दी जांच की बात विधायक अर्चना चिटनिस ने विधानसभा में कहा कि बुरहानपुर प्रदेश का प्रमुख केला उत्पादक जिला है, लेकिन केला कोल्ड स्टोरेज और इंटीग्रेटेड पैक हाउस के अनुपयोगी होने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज में हुई चोरी की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर FIR, और संबंधित अधिकारियों की सस्पेंशन की मांग की।
इस पर कृषि मंत्री एंदलसिंह कंसाना ने जवाब देते हुए कहा कि उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। साथ ही, तत्कालीन मंडी सचिव और संलिप्त कर्मचारियों को सस्पेंड कर, दोषियों के खिलाफ पुनः FIR दर्ज कराई जाएगी।
2 अधिकारी सस्पेंड, कोल्ड स्टोरेज में रखरखाव में भारी लापरवाही मामले को विधानसभा में उठाए जाने के बाद, विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मंडी निरीक्षक प्रभारी सचिव (जो वर्तमान में सेंधवा-बड़वानी में पदस्थ हैं) को सस्पेंड कर दिया। साथ ही बुरहानपुर मंडी के सहायक उपनिरीक्षक माणकलाल गंभीरे को कर्तव्यों में लापरवाही के चलते निलंबित कर दिया गया।
25 लाख की चोरी: निरीक्षण के दौरान हुआ खुलासा बुरहानपुर की नवीन कपास मंडी प्रांगण, रेणुका माता रोड में वर्ष 2016 में 8.41 करोड़ रुपए की लागत से इंटीग्रेटेड पैक हाउस केला कोल्ड स्टोरेज का निर्माण हुआ था। इसके रखरखाव का जिम्मा एमके ट्रेडर्स, मुरैना को 25 जनवरी 2019 से 24 जनवरी 2024 तक 4.05 लाख रुपए प्रतिवर्ष पर सौंपा गया था।
हालांकि 11 मार्च 2024 के बाद भी एमके ट्रेडर्स का गैर-कानूनी नियंत्रण बना रहा, जो तत्कालीन मंडी सचिव और कर्मचारियों के सहयोग से संभव हुआ। 1 मई 2025 को मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक व एपीडा (भारत सरकार) के निरीक्षण के दौरान सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
इसी के तहत जब 2 मई को सफाई की गई तो सामने आया कि कोल्ड स्टोरेज की मशीनों से 11 कम्प्रेशर और तांबे की पाइपिंग गायब है, जिसकी लागत लगभग 25 लाख रुपए है।
किसानों को नहीं मिल पा रहा फसल का लाभ, मंडी को भी आर्थिक नुकसान विधायक चिटनिस ने कहा कि वर्ष 2024 से यह पैक हाउस अनुपयोगी बना हुआ है, जिससे न केवल किसानों को रायपिनिंग चैम्बर का लाभ नहीं मिल पा रहा, बल्कि मंडी को भी आर्थिक क्षति हो रही है।