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Famous Chutney: यह चटपटा होने के कारण अक्सर लोगों को पसंद आती है. लोग जब पकवान भी खाते हैं तो चटपटा मुंह करने के लिए इसको जरूर खाना पसंद करते हैं.
बुरहानपुर जिले में ठेसा चटनी लोगों की पहली पसंद है. स्वाद में चटपटी यह चटनी सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है. यह चटनी दादी-नानी के हाथ के खाने को भी याद दिला देती है. पुराने दौर में जब घर में खाने के लिए कुछ नहीं हुआ करता था तो उस समय हरी मिर्च, लहसुन को पीट कर यह चटनी बनाई जाती थी.
पृथ्वी महाजन ने बताया कि यह मिर्ची का ठेसा खाते ही दादी-नानी के हाथ के खाने की याद आ जाती है, क्योंकि पुराने दौर में जब पकवान के रूप में इस ठेसे को ही खाया जाता था. इसकी खासियत है कि यह बहुत कम राशि में बन जाता है और बहुत जल्दी बनता है और खाने में बड़ा टेस्टी लगता है. यह चटपटा होने के कारण अक्सर लोगों को पसंद आती है. लोग जब पकवान भी खाते हैं तो चटपटा मुंह करने के लिए इसको जरूर खाना पसंद करते हैं.
मिनटों में होती है तैयार
यह हरी मिर्च, लहसुन और मूंगफली के दाने और तेल डालकर बनाया जाता है. यह बिना पकाई चटनी न सिर्फ़ जल्दी और आसानी से बन जाती है, बल्कि तीखेपन का एक बेहतरीन संतुलन भी लाती है. यह चटनी ना केवल मसालेदार और तीखी होती है बल्कि इसे बनाने में सिर्फ कुछ मिनटों का वक्त लगता है.
बड़े चाव से खाई जाती है ये चटनी
क्षेत्र के अखिलेश पानजरे बताते हैं कि यह ठेसा एक ऐसी चटनी है कि जिसको खाने के लिए बड़े से बड़े आइटमों में रखा जाता है, क्योंकि दाल या सब्जी खाकर ठीक नहीं लग रहा है तो लोग ठेसा रोटी और भाकर को खाना पसंद करते हैं. आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में तो सुबह के समय में लोग मजदूरी करने के लिए जाते हैं तो वह ठेसा और भाकर ही लेकर जाते हैं.