ये सवाल भी उठाया…
विधायक ने सवाल उठाया, यह विधेयक जमीनी हकीकत को दरकिनार कर सिर्फ अफसरों की राय पर बनाया गया है. आम जनता और विशेषज्ञों की राय लेनी चाहिए थी. वाल्मीकि ने आरोप लगाया, ”पैसे वालों को इस कानून से फायदा होगा, क्योंकि इसमें सिर्फ पेनल्टी का प्रावधान है, जबकि गरीब जेल जाएगा. उदाहरण देते हुए कहा, पहले अवैध नर्सिंग होम चलाने पर जेल होती थी, अब जुर्माना और अधिकारी के विवेक पर छोड़ दिया गया है.
वहीं, भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा, “मोदी सरकार पहली है, जिसने पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को बदला. समय के साथ कानूनों का बदलाव जरूरी है.” बहस के बाद विधेयक को विधानसभा में पारित कर दिया गया.
चार कानून खत्म, 16 की धाराएं बदलेंगी
अब लोगों को छोटी-मोटी लापरवाही या अनजाने में छोटे अपराधों पर कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं लगाने होंगे. बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून संत्र में जन विश्वास 2.0 विधेयक 2025 विधानसभा में पारित कर दिया गया. इसके जरिए 4 कानूनों को खत्म किया जा रहा है. साथ ही 16 धाराएं बदली जा रही हैं. कानून संशोधन के बाद अनावश्यक कोर्ट-कचहरी से मुक्ति मिलेगी.
कपास (सांख्यिकी), मप्र कपास नियंत्रण, मध्य भारत कृषि उपज तौल नियंत्रण अधिनियम, मप्र चेचक टीका अधिनियम
इनमें तब्दीलियां
कृषि उपज मंडी अधिनियम, मप्र नगरपालिका अधिनियम, मप्र नगर निगम अधिनियम, मप्र उपचारिका, प्रसविका, सहायक उपचारिका, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पंजीयन एक्ट, मप्र उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थानपनाएं अधिनियम, मप्र आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम, मप्र होम्योपैथी परिषद अधिनियम, मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, मप्र ग्रामीण अवसंरचना तथा सड़क विकास अधिनियम, मप्र मत्स्य अधिनियम, मप्र फल पौध रोपणी (विनियमन) अधिनियम, मप्र आयुर्वेदिक, यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम, मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, मप्र जन शिक्षा अधिनियम, मध्य प्रदेश एनोटॉमी अधिनियम, मप्र एग्रीकल्चर वेअरहाउस एक्ट.