सागर में ईपीएफओ रीजनल कमिश्नर के रूप में सेवाएं दे रहे चेतन यादव जब सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे थे, तब वह 2 साल तक अपने घर नहीं आए थे. इस दौरान उनकी नानी का निधन हो गया. परिवार में शादियां हो गईं. लेकिन, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं कर ली, तब तक निरंतर दिल्ली में तैयारी करते रहे. अपनी पढ़ाई में बाधा नहीं आने दी. यहां तक कि 10 महीने तक दिल्ली में कोचिंग करते समय एक भी दिन का गैप नहीं किया. अपनी मेहनत और पढ़ाई के स्तर को बरकरार रखा.
सागर में तीन साल से पदस्थ रीजनल इपीएफओ कमिश्नर चेतन यादव का दो दिन पहले ही प्रमोशन हुआ है. इस दौरान उन्होंने अपने सफ़र को local 18 के साथ साझा किया. चेतन बताते हैं कि वह कानपुर के रहने वाले हैं. उनके पिता डॉक्टर हैं. साल 2002 में यूपी बोर्ड से 10th की परीक्षा दी थी, जिसमें 58% अंक के साथ सेकंड डिवीजन पास हुआ था. तब घरवालों और रिश्तेदारों की बातें सुनी तो फिर पढ़ाई के प्रति सीरियस हो गया. 12th में 68% अंक हासिल किए.
अब हो गए क्षेत्रीय आयुक्त
12th करने के बाद 2008 तक बीटेक किया. इसके बाद एमबीए किया. लेकिन, इस दौरान पता चला चाहे टेक्निकल काम हो या मैनेजिंग हो, इन सभी को एडमिनिस्ट्रेटिव के नीचे ही काम करना पड़ता है. तब सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी. साल 2012 में यूपीएससी की परीक्षा दी, जिसका रिजल्ट 2014 में आया. मैं इस पद के लिए सिलेक्ट हो गया. पहले 2014 से 18 तक भोपाल में सहायक आयुक्त के रूप में रहा. इसके बाद कानपुर ट्रांसफर हो गया. 2022 से सागर क्षेत्रीय आयुक्त द्वितीय के रूप में आया था, लेकिन अब क्षेत्रीय आयुक्त प्रथम के रूप में प्रमोशन हो गया है.
दो भाई इंजीनियर, एक IAS
चेतन यादव तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं. उनके दो भाई इंजीनियर हैं. इसके अलावा चेतन के चचेरे भाई विश्व दीप ने इनसे प्रेरित होकर यूपीएससी की तैयारी की और IAS बन गए. वर्तमान में वह रायपुर नगर निगम में कमिश्नर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं. चेतन यादव ने बताया, किसी भी स्टूडेंट को अपनी स्कूल लाइफ को लेकर ज्यादा नहीं सोचना चाहिए. जो स्कूल में कमजोर या एवरेज पढ़ाई करते हैं, वे भी बड़े एग्जाम क्लियर कर सकते हैं. किसी की जिंदगी कभी भी, कहीं से भी बदल सकती है. आप जहां से मन बना लेंगे और ठान लेंगे वहीं से आपका सफर शुरू हो जाएगा.